भोजपत्तर अब भी बलिया के युवकों में बयालीस का खून उबलता है महात्मा गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे का प्रभाव बलिया में बढ़ता जा रहा था, न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बल्कि विद्यार्थी एवं महिलाएं भी इस आंदोलन में कूद पड़ी थी. Share PLEASE: Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Tweet Share on Telegram (Opens in new window) Telegram