बलिया के नवीन मंडी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली रंग चढ़े आलू की आढ़त पर छापेमारी की
बलिया के नवीन मंडी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली रंग चढ़े आलू की आढ़त पर छापेमारी की
बाढ़ का पानी तो धीरे-धीरे उतर रहा है लेकिन इन गावों में रहने वाले लोगों के सामने परिवार के भोजन से लेकर अपने मवेशियों के लिये चारे की गम्भीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
इसके अतिरिक्त नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश की क्रमश: 120, 60 एवं 40 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से देना चाहिए. नाइट्रोजन की एक तिहाई एवं फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा अंतिम जुताई से पहले खेत में मिला देना चाहिए.
पहले किसानों की हरी सब्जी को भी अन्य पार्सलों के साथ ही भेजना पड़ता था.इससे किसानों को काफी परेशानी व नुकसान होता था. काफी माल खराब भी हो जाता था. इसे देखते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने पिछले दिनों डीआरएम से बात कर ट्रेनों में किसान बोगी लगाने की मांग की थी. इसे स्वीकृति मिल चुकी है.
बलिया. जिले के किसानों के उत्पाद अब सुरक्षित और आसान तरीके से महानगरों तक पहुंच सकेंगे. किसान अब अपनी सब्जियों और फलों को देश के बड़े शहरों की मंडियों तक रेलवे के माध्यम ले जा सकेंगे.
Exclusive: बरसात ने बढ़ाई खरपतवार, कृषि रक्षा विशेषज्ञ दे रहे कीट प्रबंधन की जानकारी
बलिया. कृषि रक्षा विभाग वर्ष 2023 24 में विभिन्न संसाधनों द्वारा रोग नियंत्रण के लिए काम कर रहा है. विभाग ने 14 दिवसीय आईपीएम गोष्ठी का आयोजन किसान खेत स्कूलों पर किया है.
बलिया की खास – खास ख़बरें / 07 July 2023
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए आवास की चाबी पात्रों को सौंपी गई [ पूरी खबर पढ़ें ]
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए गर्ल्स इंटर कॉलेज में किया गया पौधारोपण
बलिया में ऑर्गेनिक सब्जी एवं फलों के विशिष्ट उत्पादन के लिए बनेगा इंटीग्रेटेड पैक हाउस
कृषि मंडी में बेकार पड़ी जमीनों का डीएम बलिया ने इस कार्य हेतु किया निरीक्षण
बलिया. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार गुरुवार को औचक बलिया सदर मंडी में बनने वाले ऑर्गेनिक सब्जी एवं फलों के विशिष्ट उत्पादन के दृष्टिगत इंटीग्रेटेड पैक हाउस के निर्माण के लिए खाली पड़ी जमीन का निरीक्षण किया और उसकी माप भी कराई.
आज सोमवार को सुबह जब तीनों व्यवसाई अपने-अपने दुकानों पर पहुंचे तो उन्हें चोरी की घटना की जानकारी हुई
बरसात थमते ही धनुष यज्ञ मेला में भीड़ उमड़ पड़ी. बरसात के चलते मेले के दुकानदारों के उदास चेहरे आज खिल उठे. बच्चों ने चरखी, झूला,का दिनभर आनंद लिया.
जिला मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर पूरब स्थित सहतवार की सब्जी मण्डी इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है. वहीं सब्जी बिक्रेता से किसान तक हलकान हैं. सब्जी मंडी का निर्माण 1989 में मूर्त रूप लिया था. इसके बाद आज तक इस का लोकार्पण नहीं हो सका.
कई मायने में पूरे हिंदुस्तान के लिए नजीर है रानीगंज बाजार का दुर्गोत्सव. ठीक आजादी के साल हुई थी इसकी शुरुआत. यहां हिंदुओं ने दुर्गात्सव और मुसलमानों ने ताजिया रखकर मुहर्रम मनाने की शुरुआत ठीक उसी जगह साथ साथ की थी. और बीते 70 सालों से यह परम्परा जस की तस चली आ रही है. कई बार ऐसे मौके आए जब दोनों त्योहार साथ साथ पड़े. उसका भी समाधान यहां लोगों ने चुटकी में ढूंढ लिया.
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुसीबते भी बढ़ने लगी है. हजारों एकड़ परवल की फसल जलमग्न हो गई है. अन्य सब्जियों की खेती भी बर्बाद हो गई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बोया गया मक्का, ज्वार और बाजरा की फसलें जल मग्न होकर चढ़ने लगी है.