17 अगस्त 1942 को नाग पंचमी के दिन बलिया में आजादी की लड़ाई ने निर्णायक मोड़ लिया। महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में रसड़ा में डाकघर जलाया गया। तहसील पर तिरंगा फहराया गया। सहतवार थाना घेरा गया। रसड़ा कांड में पांच स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए और जनसैलाब उमड़ा।

