बाढ़ पीड़ितों ने एम्बुलेंस और दवा की मांग की

जिलाधिकारी ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय सागरपाली में राहत शिविर का निरीक्षण किया. वहां लेखपाल ही नदारद थे. वहां मौजूद मेडिकल टीम से दवाओं की उपलब्धता आदि के संबंध में पूछताछ की.

जिले में चल रही हैं 699 नावें, 62 बाढ़ चौकियां

मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 60.310 मी है, जो बढ़ाव पर है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड गेजस्थल पर 63.200 मी है और घटाव पर है. टोंस का जलस्तर पिपरा घाट पर 61.90 मी है, जो बढ़ाव पर है.

सेना एलर्ट, कोरंटाडीह से मांझी तक भारी वाहनों पर पाबंदी

बलिया में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है. जनपद की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर 13 स्थानों पर गंगा ओवरफ्लो कर रही है. जनपद में गंगा घाघरा एवं टोंस तीनों नदियां एक साथ बढाव पर है. गंगा खतरा बिंदु के उच्चतम स्तर को भी पार कर गई है.

लोगों को बचाना ही है फर्स्ट च्वाइस – कमिश्नर

बाढ़ में फंसे लोगों को बचाना ही हमारी पहली प्राथमिकता है, सबसे पहले जीवन बचाया जाना चाहिए. ऐसा मानना है आयुक्त आजमगढ़ मण्डल नीलम अहलावत का. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सबसे पहले जीवन को बचाना है.

बाढ़ से हालात अत्यंत गंभीर, अफसरों की छुट्टियां रद्द

बलिया में बाढ़ के हालात अत्यंत खराब हो चला है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग एक दर्जन स्थानों पर बाढ़ का पानी ओवरफ्लो होने से लोग भयभीत हैं. रविवार की रात से हो रही बरसात ने स्थिति को और नाजुक बना दिया है.