आधी रोटी खाएंगे, स्कूल पढ़ने जाएंगे

शिक्षा क्षेत्र दुबहड़ के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली. इन छात्रों ने उन बच्चों को विद्यालय जाने के लिए प्रेरित किया, जो अभी तक दाखिला नहीं करा सके हैं. रैली में बच्चे नारे लगाते हुए चल रहे थे कि घर घर में दीप जलेगा हर बच्चा स्कूल चलेगा, आधी रोटी खाएंगे स्कूल पढ़ने जाएंगे.

लापरवाह शिक्षकों पर गिर रही बीएसए की गाज

बुधवार को परिषदीय स्कूलों के साथ ही कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की क्रॉस चेकिंग की गई. इस दौरान गठित टीमों ने 86 स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें 32 शिक्षक-कर्मचारी अनुपस्थित मिले. बीएसए ने अनुपस्थित शिक्षक-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है. बीएसए ने बताया कि क्रॉस चेकिंग का सिलसिला जारी रहेगा. कहा कि शिक्षक समय का ध्यान रखते हुए विद्यालय में शैक्षिक माहौल बनायें. छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के लिए अभिभावकों से सम्पर्क करे. नामांकित बच्चे स्कूल नहीं आ रहे है, तो उसका कारण जाने और निराकरण कर उपस्थिति सुनिश्चित करायें.

फूले नहीं समाए, फल खाकर मुस्कराए

शासन की मंशा के अनुरुप सोमवार को जनपद के समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन कराने के बाद बच्चों को मौसमी फलों आम, अनार, केला का वितरण किया गया.

छुट्टी थी, पर बच्चों को दूध पिलाया गया

पहले से घोषित अवकाश के बावजूद ईद की तिथि बदलने पर बुधवार को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भारी संख्या में छात्र छात्राएं पहुंची. मेन्यू के अनुसार इन विद्यालयों में बच्चों को दूध पिलाया गया. शिक्षा क्षेत्र बिहार के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सराया में प्रधानाध्यापक रणजीत सिंह उर्फ मंटू ने बच्चों को दूध पिलाया. सहयोगियों ने दूध पिलाने में उनका साथ दिया. इसी शिक्षा क्षेत्र के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय सनात पांडेय के छपरा में भी बच्चों को दूध पिलाया गया.

परिषदीय स्कूलों में खूब बंटा फल

मध्याह्न भोजन योजना के मेन्‍यू में हुए परिवर्तन के तहत सोमवार को पहली बार जनपद के समस्त परिषदीय स्कूल के बच्चों ने मौसमी फल का स्वाद लिया. शासन के निर्देश पर परिषदीय बच्चों को पूर्ण आहार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से मध्याह्न भोजन योजना के मेन्‍यू में फेरबदल किया गया है. योजना को मूर्त रूप देने के लिए जनपद स्तरीय दर्जनों टीमें गठित की गयी थी. यह टीम सुबह 08 बजे से अपराह्न एक बजे तक स्कूलों का भ्रमण कर धरातलीय हकीकत से रूबरू होती रही. इसी क्रम में एक पंथ-दो काज की तर्ज पर बीएसए डॉ . राकेश सिंह ने आधा दर्जन से अधिक स्कूलों का निरीक्षण भी कर डाला, जिसमें एक दर्जन से अधिक शिक्षक गैरहाजिर मिले.