ददरी मेले में नगर पालिका कैम्प कार्यालय में शॉर्ट सर्किट से आग लगी. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं. आग से टेंट और उसमें रखा सोफे पूरी तरह से जल कर राख हो गए हैं.
ददरी मेले में नगर पालिका कैम्प कार्यालय में शॉर्ट सर्किट से आग लगी. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं. आग से टेंट और उसमें रखा सोफे पूरी तरह से जल कर राख हो गए हैं.
नगर पालिका परिषद बलिया के वार्ड नंबर चार की अनुसूचित जाति की महिला सभासद ने जिलाधिकारी से मिलकर नगर पालिका परिषद बलिया की अध्यक्ष साधना गुप्ता पर अपनी और अपने वार्ड की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए लिखिति शिकायत दी है.
हर साल की भांति इस साल भी हज़ारो उत्साही दर्शकों के बीच नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा चेतक प्रतियोगिता का आयोजन गुरुवार को ददरी मेला में कराया गया, जिसमें देवरिया के जितेंद्र सिंह के घोड़े ने अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए ददरी के चेतक का ताज हथिया लिया.
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर ददरी मेला की व्यवस्था नगर पालिका परिषद के जिम्मे होती है. महर्षि भृगु एवं उनके कृपापात्र शिष्य रहे दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले इस मेला के मौके पर महर्षि भृगु मंदिर तथा आसपास के परिसर के सफाई की व्यवस्था नगर पालिका बलिया ही देखती है.
देश का मशहूर ददरी मेला दीपावली से सजने लगा है. धीरे-धीरे मेला में पशुओं को पशुओं के आने का क्रम शुरू हो गया है. अन्य जनपदों से भी पशु व्यापारी आने लगे हैं. पशु मेला की सुरक्षा की व्यवस्था के लिए अलग से थाना स्थापित किया गया है. पुलिस उप निरीक्षक विवेक पांडेय को इसका प्रभारी बनाया गया है.
जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने सरकार की उपलब्धियो में जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुये कहा कि समाजवादी पेंशन वृद्धा पेंशन आवास की सूची नगर पालिका को भेजने को कहा. एक एक कर लोगों की समस्यायें को सुना तथा समस्याओ का समाधान जल्द से जल्द निपटाने को कहा
शहर में कहीं भी जाम की समस्या न रहे, इसके लिए जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी युद्ध स्तर पर प्रयासरत है. मंगलवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने पूरे शहर का चक्रमण कर महत्वपूर्ण स्थानों को देखा.
छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता रिपुंजय रमण पाठक उर्फ रानू पाठक के नेतृत्व में छात्रों ने चित्तू पांडेय चौराहे पर पूजा पाठ किया तथा केक काटकर सड़कों का जन्मदिन मनाया.
नगरपालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बृहस्पतिवार को अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा के आश्वासन पर समाप्त हो गई. राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष अजय यादव एवं जिला मंत्री राजेश कुमार रावत के साथ वार्ता के बाद अधिशासी अधिकारी श्री मिश्र ने चार सूत्री मांगों में से तीन को पूरा कर दिया.
आदर्श नगर पालिका रसड़ा में थोड़ी सी ही बरसात ने नगर पालिका के विकास की कलई खोल कर दी.
नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी संघ ने सोमवार को संघ के अध्यक्ष उमाशंकर रावत के नेतृत्व में नगर पालिका कार्यालय के सामने धरना दिया.
बलिया शहर में कुंवर सिंह चौराहा से एनसीसी चौराह तक सड़क बरसात के दौरान अपनी दुर्दशा खुद ही बयान कर रही है. शनिवार को इस सड़क पर से गुजरना कितना दुश्वारी भरा होगा, तसवीरें देख कर इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.
नगर पालिका प्रशासन बलिया ने बरसात में तेजी आने के साथ ही नालियों की खुदाई तथा निर्माण को लेकर काम तेज कर दिया है. किनारे पर नालियों की खुदाई से मकानों के गिरने का आतंक बना हुआ है. नगर के चमन सिंह बाग रोड निवासी संजीव कुमार और प्रणाम पुणे नगर पालिका प्रशासन की कार्यों की आलोचना की.
उत्तर प्रदेश शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में नगरीय सड़क सुधार योजना के तहत नगर पालिका परिषद बलिया में सड़कों का निर्माण कराये जाने के लिए कुल 329.56 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. प्रथम किश्त के रूप में 164.78 लाख रुपये मंजूर भी किये हैं.
हल्की सी बारिश ने ही आदर्श नगर पालिका के तथाकथित विकास की कलई खोल दी. इस साल बेहतर बारिश की संभावना जताई जा रही है. हालांकि जिले में शुरुआत वैसी नहीं रही है. फिर अगर बरसात ठीक ठाक हो गई तो नगर वासियो की फजीहत होनी तय है. वजह है नगर में जल निकासी की खस्ताहालत. पिछले कई सालों से दमदार बारिश न होने के चलते संकट इतना नहीं गहराया, मगर इस साल यहां के बाशिंदे आशंकित है.
नगर पालिका बलिया में विकास धन का बंदरबांट किया जा रहा है. बलिया शहर में इस समय नालियों का बुरा हाल है. बारिश शुरू होने के बाद नगरपालिका प्रशासन को नालियों की मरम्मत की याद आई. आए दिन नालियों की सफाई की जाती है. कूड़ा बरसात होते ही फिर नालियों में चला जाता है.
शहर की खस्ताहाल सड़कों के चलते लोगों में चिता व्याप्त है, कारण, बारिश की शुरुआत हो चुकी है. शहरियों का कहना है कि जिस प्रकार से नगर पालिका क्षेत्र की सड़कें एवं नालियां टूटी हुई हैं, उससे नारकीय स्थिति में जीने को मजबूर होना पड़ सकता है. नगर पालिका अध्यक्ष का कार्यालय जिस सड़क पर स्थित है, उसकी स्थिति बदतर है. नया चौक से चंद्रगुप्त मंदिर को जाने वाली सड़क अतिक्रमण से ग्रसित तो है ही, पैदल चलने के लायक भी नहीं है.