बलिया से सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त की पहल पर केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बलिया लोकसभा क्षेत्र को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की सौगात दी हैं. ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे गाजीपुर से मांझी तक बनेगा जो बिहार के रिवेलगंज वाईपास से जुड़ेगा.
बुधवार को बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के सोनबरसा स्थित संसदीय कार्यालय पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त से बातचीत करने पहुंचे एनएचएआई के आरओ विपिनेश शर्मा, पीडी पंकज पवार एवं एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी एनएचएआई के आरओ विपिनेश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर तेजी से कार्य आगे बढ़ रहा हैं .
बताया इस मार्ग के लिये सर्वे का कार्य पूरा हो चुका हैं. इसी वर्ष जून से किसानों की जमीन का मुआवजा देने का कार्य शुरू हो जाएगा. सितम्बर तक इसकी निविदा हो जाएगी तथा नवम्बर से इस मार्ग के निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा. विपिनेश शर्मा ने बताया कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे कुल चार तहसीलों से होकर गुजरेगा जिसमें गाजीपुर सदर, मोहम्दाबाद, बलिया सदर व बैरिया तहसील शामिल है.
यह एक्सप्रेस वे माल्देपुर, जनाड़ी, तथा बलिया सदर के दक्षिणी छोर से निकलेगी जो सोनवानी होते हुए टेंगरही बिड़ला बंधे से वाईपास मठ योगेन्द्र गिरी, मांझी होते हुए बिहार के रिवेलगंज बाईपास में मिलेगी. एनएचएआई के आरओ ने बताया कि सांसद श्री मस्त ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे से बलिया रेलवे ओभरवृज को जोड़ने का प्रस्ताव दिया था जो स्वीकृत हो गया हैं.
एनएचएआई के अधिकारियों की मौजूदगी में सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने पत्रकारों को बताया कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नही हैं कि बलिया का अभी तक उतना विकास नहीं हो सका हैं जितना होना चाहिए था.
किसी भी जगह के विकास के लिये वहां की परिवहन सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती हैं. मैंने केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर कहा कि बलिया आजादी की लड़ाई में सबसे अगली पंक्ति में खड़ा रहा. विकास में भी यह आगे रहे ये हम सबकी जिम्मेदारी हैं. मंत्री जी ने कहा मुझे प्रस्ताव दीजिए मैं उसे अभी स्वीकृति दे देता हूँ.
सांसद ने बलिया व गाजीपुर की जनता की ओर से केंद्रीय मंत्री गडकरी जी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने मेरी मांग पर गाजीपुर से मांझी तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को न सिर्फ मंजूरी दिया बल्कि उसका बजट एलाट कर दिया. ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बलिया लोकसभा के विकास का मार्ग प्रसस्थ करेगा.
सोनबरसा स्थित संसदीय कार्यालय पर ही एनएचएआई के आरओ विपिनेश शर्मा व पीडी पंकज पवार से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि एनएच 31 पर कार्य इतनी धीमी गति से क्यों हो रहा हैं तथा यह सड़क कब तक बनेगी.
इसके जवाब में एनएचएआई के आरओ ने बताया कि लगभग दो साल पहले इस मार्ग की टेंडरिंग प्रक्रिया हुई थी. लो रेट की वजह से कार्य मे ब्यवधान उत्पन्न हुआ था. अब रेट वेरियेशन एवं एक्स्ट्रा मेटेरियल के लिये प्रस्ताव गया था जो स्वीकृत हो चुका हैं. विलंब की सबसे बड़ी वजह यही थी अब इस कार्य मे जो भी बाधा थी उसे दूर कर लिया गया हैं. ठेकेदार को निर्देश दिये गये हैं कि वे 30 जून के पहले हर हाल में मांझी से हल्दी तक सड़क का मरम्मत कार्य पुरा करें. विपिनेश शर्मा ने बताया कि अब एनएच 31 पर सड़क और चौड़ी बनेगी तथा माल्देपुर से कदम चौराहा तक डिवाइडर भी बनेगा.
(सोनबरसा से वीरेंद्र मिश्र की रिपोर्ट)
गाजीपुर से बलिया में बिहार बॉर्डर तक बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस, तेजी से काम शुरू

