संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए श्री नरहेजी विधि महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बलिराम राय ने कहा कि संविधान प्रबन्धक मूल अधिकारों का यदि विधिवत संयोजन एवं समंजन करे तो हम अपने जीवन सामाजिक सरोकारों के साथ साथ अपनी आजादी को भी अक्षुण बनाए रख सकते है.

