पनिया के जहाज से पलटनिया बनके जइहऽ…. हमके ले के अइहऽ हो…..पिया सेनूरा बंगाल के

अंगुलि में डसले बिया नागिनिया रे, ननदी सैंया के जागा द. सासु मोरा मारे रामा, बास के छेवकिया, कि ननदिया मोरा रे सुसुकत, पनिया के जाए, जैसे कई लोक प्रिय धुन जब सुनाई पड़ती हैं तो बरबस ही इन गीतों के रचियता पंडित महेंद्र मिश्र (महेंदर मिसिर) की याद हर भोजपुरी भाषा-भाषी के लोगों को आ ही जाती है.

शहीद पार्क चौक में अनशन प्रारम्भ

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित व युवा नेता सागर सिंह राहुल ने शहीद चौक पर स्वतत्रंता संग्राम सेनानी परिवार के बैनर तले अनिश्चित कालीन बेमियादी अनशन पुलिसिया बदसलूकी के खिलाफ शुरू किया. कार्यक्रम के प्रारम्भ में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया.

15 अगस्त 1942 को ही बलिया में फहराया गया था तिरंगा

अन्याय, अत्याचार, जुल्म के खिलाफ संघर्ष के लिए जाना जाता रहा है बलिया. ब्रिटिश हुकूमत की शक्तियों की बिना परवाह किए 15 अगस्त 1942 को ही यहां जगह जगह तिरंगा फहरा दिया गया था. 15 अगस्त 1942 को ही ब्रिटिश हुकूमत के यूनियन जैक में आग लगाकर जगह जगह तिरगा लहराया गया था.