कल्पना को जमीन पर उतारने वाले कर्मयोगी थे लौह पुरुषः कुलपति

कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि देश को एकता के सूत्र में बांधने का श्रेय लौह पुरुष को ही जाता है. वह सिर्फ कल्पना करने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि कल्पना को जमीन पर उतारने वाले कर्मयोगी थे. हिमालय जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता के कारण ही देश ने उन्हें सरदार माना. वह हमेशा कहते थे कि आम प्रयास से हम देश को एक नई दिशा दी जा सकती है जबकि एकता की कमी हमें नई आपदाओं में डाल देगी.

बलिया जिले में धूमधाम से मनाई गई पटेल जयंती

सरदार वल्लभभाई पटेल सेवा संस्थान बेल्थरारोड के तत्वावधान में रविवार को क्षेत्र के गौवापार गांव मे भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 146 वी जयंती एकता दिवस के रूप में मनाई गई तथा भावपूर्ण स्मरण किया गया. मुख्य अतिथि प्रवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश पटेल ने लौह पुरूष के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

श्री नरहेजी कॉलेज में मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ सुशीला सिंह ने लौह पुरुष के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया. अपने संबोधन में प्राचार्या ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अदम्य साहस एवं अटल विश्वास के प्रतिमूर्ति थे.