सिकंदरपुर विधायक मो. जियाद्दीन रिजवी ने कहा है कि जनपद के चार विधानसभा क्षेत्र के लोग बाढ़ और कटान से तबाह हैं और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री बलिया का दौरा कर चले गए लेकिन एक भी पैसे के बचाव कार्य का घोषणा नही किए .
सिकंदरपुर विधायक मो. जियाद्दीन रिजवी ने कहा है कि जनपद के चार विधानसभा क्षेत्र के लोग बाढ़ और कटान से तबाह हैं और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री बलिया का दौरा कर चले गए लेकिन एक भी पैसे के बचाव कार्य का घोषणा नही किए .
ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी तथा अन्य कीटनाशक दवाओं का कम समय और कम लागत में छिड़काव करके अच्छी पैदावार प्राप्त किया जा सकता है.
अपर जिलाधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर से बांसडीह तहसील के 38 परिवार तथा बैरिया तहसील क्षेत्र के 26 परिवार प्रभावित हैं
नदी के जलस्तर में प्रति घंटे की दर से निरंतर घटाव जारी है। इससे तटवर्ती इलाकों में लोगो ने राहत की सांस ली है।
ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों ने अपने होश में ऐसा मंजर नही देखा था। हम लोग कुछ नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या करें. जमीन भी नदी में समाहित हो गई है. बचा घर जिसे हम लोग ही उजाड़ रहे है
एक तरफ बारिश के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर रखा है तो दूसरी तरफ बांसडीह तहसील क्षेत्र में सरयू नदी ने उग्र रूप ले लिया है
सांसद रमाशंकर राजभर कटान पीड़ितों का हाल जानने के लिए टिकुलिया भोजपुरवा पहुँचे। उन्होंने पीड़ितों की व्यथा को सुना और कहा कि आपकी समस्याओं को संसद में उठाऊंगा।
कुदरत के कहर से किसान परेशान हैं. खरीफ की बुवाई के लिए जब पानी की जरूरत थी तब खेत सूखे रहे थे
एसडीएम ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है, जो नदी की प्रकृति की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
ग्रामीणों को सलाह दी गयी कि वे तत्काल आवश्यक सामान ले करके, स्वतः सुरक्षित स्थान पर चले जाये। जिससे किसी भी प्रकार की जन एवं पशुहानि न हो.
Please LIKE and FOLLOW बलिया LIVE on FACEBOOK page https://www.facebook.com/ballialivenews रविशंकर पांडेय,बांसडीह,बलिया बांसडीह,बलिया. सरयू के जलप्रवाह में आई तेज वृद्धि से बांसडीह तहसील क्षेत्र के सौ साल से ज्यादा पुराना बसा गांव टिकुलिया आज …
सनातन पांडेय ने कहा की दियरांचल को बचाने के लिए बड़ी कटानरोधी योजना बनाकर उसे यहां लागू करने की आवश्यकता है
सरयू नदी बांसडीह क्षेत्र के कई गांवों में भारी कटान कर रही है। किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन सरयू में समा चुकी है।
नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद यहां घाघरा की स्थिति में तेजी से ऊफान आ चुका है। बुधवार की रात 10 बजे घाघरा का जल स्तर खतरे का निशान पार कर गया
कटान की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक मो०जियाउद्दीन रिजवी एवम नव निर्वाचित सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने हो रहे कटान का निरीक्षण किया।
भोजपुरवा में तेज हो रहे कटान से प्रभावित लोगों को विस्थापित करने के लिये सारंगपुर स्थित महर्षि रामचन्द्र शिक्षण संस्थान को चिन्हित किया गया हैं
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बसे गांव के लोगों के लिए खतरे की घंटी बज गई है
सरयू नदी से कटान तेज हो गया है. मंगलवार को सुबह 11 बजे तक इस बस्ती के आधा दर्जन रिहायशी घर सरयू के कटान में विलीन हो चुके हैं
सरयू ( घाघरा ) नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे कटाव व वृद्धि से लोगो मे दहशत हैं। उपजिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने सरयू से हो रहे कटान का जायजा लिया
मांग करते हुए कहा है कि इन स्थानों पर सुरक्षा उपायों के तहत तत्काल रैम्प अथवा ठोकर निर्माण नही कराया गया तो यह गांव नदी में समाहित हो जायेंगे