1 thought on “कुलपति ने किया “अंतः के स्वर” पुस्तक का विमोचन”

  1. किरण जी बहुत प्रतिभाशाली हैं , साहित्य जगत को उनसे बहुत उम्मीदें हैं | उम्मीद है हमें उनके माध्यम से दोहा , छन्द, मुक्तक जैसी प्राचीन साहित्यिक विधाओं में कुछ श्रेष्ठ पढने को मिलता रहेगा | अतुकांत कविता के दौर में इन विधाओं को जीवित रखने का उनका प्रयास अनुपम है | बेहतरीन रिपोर्टिंग , कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई

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