सुखपुरा (बलिया)। सरकार की आमद मरहबा, मदनी की आमद मरहबा, ईद-मिलाद-उन्नबी जिंदाबाद के नारे के साथ कस्बे के उत्तर मोहल्ला स्थित मस्जिद से हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिन पर शनिवार को जुलूस निकला. जो कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा. जुलूस मे रंग बिरंगे परिधान पहने बाल, युवा व वृद्ध हाथों मे हरे रंग के झंडे व विभिन्न नारो से लिखे बैनर लेकर चल रहे थे. इस अवसर पर युवाओं के जज्बे का आलम यह था कि जिन रास्तों से जुलूस गुजर रहा था उन रास्तों पर युवा जुलूस की आगवानी व स्वागत करने मे पूरी तरह तल्लीन दिखे. बीच बीच मे “नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर, ख्वाजा का दामन नही छोडेंगे गौस का दामन नही छोडेंगे”जैसे नारो से पूर कस्बा गुंजायमान रहा. इस मौके पर मौलाना नुरूल हुदा नूरी, मौलाना जाफर सादिक,अफरोज आलम,रुस्तम अली, एजाजुल हक,फिरोज अहमद,डा.कलीम वारसी,डा. सरफुल,राजू वारसी, फिरोज,फैयाज अहमद,अब्दुल हयात अशरफ,खुर्शीद ,मशरुर आलम,खालीद रजा मौजूद रहे. इसके पूर्व उत्तर मुहल्ला स्थित मस्जिद पर तकरीर के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मोहम्मद साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आये. किसी जाति धर्म या राष्ट्र के लिए नही. तकरीर मे कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किया और मोहम्मद साहब के बताये रास्ते पर चल कर मानव, समाज व राष्ट्र को बल प्रदान करने का संकल्प लिये. क्षेत्र के सेमरी मे 12 वीं रबीउल अव्वल हजरत पैगम्बर मोहम्मद के जन्म दिन पर निकाले गये जुलूस मे यूनुस साहब, इसराईल खां, हाफीज फैजान, मैनुद्दिन खां, जुल्फीकार, सीबु, आरीफ, असाउद्दीन शेख, शकिल खां, विनोद यादव आदि लोग रहे.
ईद मिलादुन नबी जुलूस शान्तिपूर्ण माहौल में सम्पन्न

