Ballia News: पुरानी रेलवे लाइन ढाले से सरयू की बाढ़ के पानी के रिसाव से मची अफरातफरी [पूरी खबर पढ़ें]
भोजपुरी का कपिल शर्मा ! जानिए मिंटुआ और उनकी वाइफ का रोल निभाने वाली सोनाली की कहानी [पूरी खबर पढ़ें]
Ballia News: पुरानी रेलवे लाइन ढाले से सरयू की बाढ़ के पानी के रिसाव से मची अफरातफरी [पूरी खबर पढ़ें]
भोजपुरी का कपिल शर्मा ! जानिए मिंटुआ और उनकी वाइफ का रोल निभाने वाली सोनाली की कहानी [पूरी खबर पढ़ें]
श्रद्धालुओं के साथ परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने भी गंगा तमसा के किनारे पवित्र डुबकी लगाई.
परिवहन मंत्री ने गंगा के किनारे बताया कि बलिया में गंगा स्नान का पौराणिक महत्व है.
बाहर से आने वाले स्नानार्थियों को जानकारी देने के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं जगह-जगह अपना शिविर स्थापित कर दी हैं.
प्रदेश सरकार पीड़ितों को हर संभव सहायता करने के लिए दृढ़ संकल्प है. किसानों एवं आखिरी पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. यह विचार है विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी का.
बाढ खत्म होने के बाद जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस का पूरा ध्यान अब हर पीड़ितों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने पर है. उन्होंने रविवार को सदर तहसील क्षेत्र में हो रही राहत सामग्री वितरण व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने अधीनस्थों को निर्देष दिया कि गरीब, मजदूर किसानों को वरीयता के आधार पर राहत सामग्री का वितरण होना चाहिए.
केंद्र सरकार की मदद के बावजूद प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने में नाकाम रही है. सामग्री वितरण में भी समाजवादी पार्टी के लोगों को चिन्हित करके राहत दी जा रही है. यह घोर अन्याय है. ऐसा कहना है जिले के सांसद भरत सिंह का.
गंगा प्रति घंटा आधा सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है. हालांकि फिलहाल खतरा बिन्दु से नीचे है. घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.190 मी, चांदपुर में 56.80 मी तथा माझी में 53.85 मी है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 57.700 मी है, जो बढ़ाव पर है.
विधायक उमाशंकर सिंह ने फेफना विधानसभा के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री से लदे ट्रकों को बृहस्पतिवार को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. पांच ट्रक राहत सामग्री में थाली, गिलास, ब्रेड, आटा, आलू, चुड़ा, लाई, गुड़, बिस्कुट, मोमबत्ती, दवाई, माचिस तथा मवेशियो के लिये भूसा और पराग डेयरी आदि सामान शामिल था.
जिला पंचायत के डाक बंगले में सोमवार को बाढ़ में डूब कर मरे कुल चार लोगों के परिजनों को दैवी आपदा राहत कोष से चार-चार लाख की सहायता राशि विधायक जयप्रकाश अंचल ने प्रदान की. विधायक अंचल ने बताया कि दुबेछपरा रिंग बन्धे व बन्धे के भीतर बसे गांवों की सुरक्षा के लिए स्परों का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया गया हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 42,296 लोग और 678 पशुओं का उपचार किया गया है. 2,85,640 लोग और 16,115 पशु प्रभावित हुए है. राहत शिविरों में 26,600 लोग शरण लिए हुए हैं और 45,935 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. 41 मेडिकल टीमों को प्रभावित गांवों में मोबाईल टीम के रूप में लगा दिया गया है.
प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ पीडितों को राहत सामग्री एवं बाढ्र से प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, फागिंग, दवा का छिड़काव, क्षतिग्रस्त सडकों की मरम्मत युद्ध स्तर पर किया जाय.
पूर्वांचल ग्रामीण चेतना समिति राघोपुर ने कारितास इण्डिया के सहयोग से शुक्रवार को बाढ़ पीड़ित 235 परिवारों को सोहांव स्थित मिशन पर भोजन सामग्री के अलावा दैनिक उपभोग की बस्तुएं वितरित किया
गंगा और घाघरा के साथ टोंस की बाढ़ से सबसे ज्यादे प्रभावित होता है. सर्वाधिक बाढ़ का कहर गंगा नदी द्वारा भरौली से लेकर ब्यासी, दुबहर, हल्दी, गायघाट, रामगढ़, लालगंज होते हुए मांझी तक बरपाया जाता है.
जिलाधिकारी गोविन्द राजू एनएस ने तहसील सदर के बाढ़ से प्रभावित कई गांवों का व्यापक दौरा किया. उन्होंने बाढ्र से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के बारे में राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों से जानकारी ली.
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय गुरुवार की रात जिले में आ जाएंगे. प्रभारी अधिकारी वीआईपी ने बताया कि मंत्री श्री राय 02 सितम्बर दिन शुक्रवार को 04 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ राहत में लगे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे.
राहत के लिए 62 बाढ़ चौकियां, 62 राहत शिविर, 45 राहत वितरण केंद्र संचालित है. राहत शिविर में 26,600 लोगों ने शरण लिया है. बुधवार तक 41,535 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. 41 मेडिकल टीमें लगी है और 37,126 लोगों का उपचार किया जा चुका है.
बलिया में गंगा, घाघरा, तमसा के तेवर में नरमी आई है, हालांकि गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वाराणसी में उफनाई गंगा अब घाटों की सीढ़ियों से उतर चुकी है, बाढ़ का कहर थमने के बाद ग्रामीण इलाकों में लोग बाग अपने घरों को संवारने में जुटे है. बाढ़ के पानी में हालांकि सैकड़ों कच्चे मकान जमीदोज हो चुके हैं, हजारों एकड़ कृषि योग्य जमीन पर खड़ी फसलें बाढ़ में बह गई हैं. खेतों में मेड़ें गुम हो चुकी है, कई इलाकों में मृत पशुओं के शव दुर्गंध फैला रहे हैं, जबकि गांव की पगडंडी दलदली होने के कारण उसमे चलना फिरना दूभर है.
मंगलवार को भोजन पैकेट से भरे वाहनों को खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार और एडीएम के जिला समन्वयक अजीत पाठक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. दुबहर एवं बेलहरी शिक्षा क्षेत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह के निर्देशन में भोजन पैकेट बनाने तथा बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है.
जिलाधिकारी ने एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिसकी आजीविका चली गयी है, उसे प्राथमिकता पर राहत सामग्री पहले दी जाए. मंगलवार को सोहांव ब्लाक से बेलसीपाह, बसंतपुर, गोविन्दपुर भरौली गांव के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री दी जा रही थी.
बीसीडीए के अध्यक्ष आनन्द सिंह के नेतृत्व में जिले के दवा दुकानदारों मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह के अनुरोध पर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ जनित रोगो के इलावा बुखार, सर्दी आदि की ओषधियों और भोजन के पैकेट व फल आदि का एकजुट होकर दवा व्यवसायियों ने बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरित किया.