Category: जिला जवार
इस मंदिर के विषय में बताया जाता है कि पूर्व मंत्री निर्भय नारायण सिंह के पूर्वजों ने इसका निर्माण कराया था और तब से इस मंदिर की देखरेख उनके परिवार के लोग ही करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन यहां उनके परिवार के लोगों द्वारा लोगों को शरबत पिलाया जाता है लोग इस तिथि को शुभ मुहूर्त समझ कर समहुत करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन किया गया समहुत अक्षय होता है यानी कि इसका नाश नहीं होता. ऐसा लोगों का मानना है. मंदिर परिसर में लोगों ने त्रिलोकीनाथ भगवान की कथा भी सुनी.
यह हस्ताक्षर कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने लखनऊ स्थित ई डी आई के क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया. आने वाले समय में इस एमओयू के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण, प्रबंधकीय कौशल एवं उद्यमिता की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा साथ ही विश्वविद्यालय के शिक्षको को भी कई शैक्षिक लाभ मिल सकेंगे.
छपरा सारीब ग्राम सभा के पांडेय के छपरा राजभर बस्ती निवासी जगधारी राजभर की झोपड़ी से बुधवार की दोपहर अचानक आग की लपटें निकलने लगी. जब तक लोग कुछ समझ पाते तथा आग पर काबू पाने का प्रयास करते. तब तक आग ने विकराल रूप धारण करते हुए अगल बगल की तीन दर्जन से अधिक झोपड़ियों को अपनी जद में ले कर सामान सहित राख कर दिया.
4 फ़रवरी 2014 से विश्वविद्यालय से सटे देवकली गांव में बच्चों के लिए निःशुल्क प्रेरणा कोचिंग निरंतर चल रही है. इस कोचिंग के माध्यम से अब तक 1435 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके है. वर्तमान समय में 1 से 12 तक की कक्षाओं के 135 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे है. विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों का एक समूह इन बच्चों को पढ़ाता है.
विद्यालय गेट के अन्दर परीक्षार्थियों को प्रवेश से पहले शिक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों की गहनता के साथ चेकिंग के उपरान्त अन्दर प्रवेश दिया जा रहा था. इस बीच कोविड नियमों के ध्यानार्थ परीक्षा हाल में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों के लिए मास्क अनिवार्य था. जिन परीक्षार्थियों ने किसी कारण वश मास्क नहीं पहना था. ऐसे परीक्षार्थियों को विद्यालय प्रबन्धन द्वारा मास्क उपलब्ध कराते हुए गेट के अन्दर प्रवेश दिया जा रहा था.
रामपुर मशरीक गांव के कटान विस्थापित एक दर्जन परिवार छपरा सारीब ग्राम सभा में बसे हैं. इसी बस्ती निवासी बली यादव के घर अज्ञात कारणों से आग लग गई. जो तेज पछुआ हवा की वजह से विकराल रूप धारण करते हुए आसपास की झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया. जब तक लोग कुछ समझ पाते तथा आग पर काबू पाने का प्रयास करते. तब तक आग ने बली यादव,सुदर्शन यादव,संतोष यादव तथा कमलेश यादव की एक दर्जन झोपड़ियों को अपने जद में लेकर सामान सहित राख कर दिया.
