बैरिया के जगदीश गांव में शनिवार को गंगा की उतरती लहरों ने जमकर कहर बरपाया
देखते ही देखते आधा दर्जन आशियाने गंगा की लहरों के भेंट चढ़ गए, बैरिया तहसील क्षेत्र के जगदीशपुर मे गंगा का कटान तेज, अफरा-तफरी का माहौल, पुलिस पहुंची राजस्व विभाग नदारद. (रिपोर्ट और तस्वीरें – वीरेंद्र नाथ मिश्र)

बैरिया (बलिया)। क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में गंगा की उतरती लहरों से शनिवार शाम चार बजे के लगभग कटान तेजी के साथ शुरू हो गया. देखते ही देखते राम अनन्त पांडेय, राजनाथ पाण्डेय, रामदेव पाण्डेय, श्रीनिवास पाण्डेय के सांझे मकान गंगा में समाहित हो गए. वहीं चतुरी गोड़, भुआली गोड़, भभूति गोड़ के मकान भी गंगा के आगोश में चले गए.

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गंगा नदी का जलस्तर गायघाट पर 54.66 मीटर है, जो घटाव पर है. इसी प्रकार घाघरा नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर 62.600 मीटर और मांझी पर 53.45 मीटर है, जो बढ़ाव पर है, जबकि चांदपुर में घटाव पर है. टोंस नदी का जलस्तर पिपरा घाट पर 56.50 मीटर है, जो घटाव पर है.

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सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ कि लोग बस अपनी जान बचाकर किसी तरह भाग भर पाए. अगल बगल के लोग अपना अपना सामान घर से निकालने लगे. गंगा का तेवर इतना तेज व विध्वंस था कि धम धम की आवाज आ रही थी. कुछ दूरी पर लोग अपने अपने मकानों को तोड़ने लगे व सामान निकालने लगे. सूचना पर क्षेत्राधिकारी बैरिया त्रयम्बक दुबे, चौकी प्रभारी लालगंज जगदीश विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे. वही सूचना के बाद भी तहसील प्रशासन मौके पर समाचार भेजे जाने तक नहीं पंहुचा था. एसडीएम, तसहीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल में से किसी का मौके पर अता पता नहीं है. कभी तेज तो कभी रफ्ता-रफ्ता कटान का क्रम जारी है.
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