जर्जर तार बदलने हेतु 27 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक शट डाउन रहेगा
जर्जर तार बदलने हेतु 27 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक शट डाउन रहेगा
दूसरी बार ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लगना सरकार की मंशा के विपरीत कार्य करने के तरफ इशारा कर रहा है
भाजपा बांसडीह मंडल अध्यक्ष प्रतुल कुमार ओझा ने बताया की इस समस्या पर स्थानीय विधायक केतकी सिंह भी गंभीर हैं और उन्होंने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से वार्ता किया है
विद्युत उपकेन्द्र सोनवानी अन्तर्गत ग्राम सभा कृपालपुर मे 63 के वी का ट्रान्सफार्मर बिगत 15 दिनो से जला हुआ है जिसके चलते भीषण गर्मी व उमस भरी रातों में ग्रामीण बिना पंखे या कूलर के रहने को विवश हैं।
लोगों का कहना है कि स्थानीय दुबहर विद्युत उपकेंद्र से बिना रोस्टर प्रणाली, अघोषित बिजली कटौती एवं विद्युत आपूर्ति में मनमानी के कारण दुबहर विद्युत फीडर से जुड़े समस्त गांवों के उपभोक्ता त्रस्त हैं.
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अभिजीत तिवारी सत्यम के साथ एक दर्जन युवकों ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात एक बजे रात तक उपकेंद्र के बाहर बैठकर विरोध जताया।
क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी से जांच कर अधिकारियों पर उचित कार्यवाही की मांग की है. उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारी तो सुनते नहीं
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार अपने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.इस बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियो को पिछले दिनों नगर क्षेत्र में चरमराई विद्युत व्यवस्था के संबंध में विस्तृत वार्ता की
सिविल लाइन विद्युत उपकेंद्र के आईटीआई फीडर पर उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर शनिवार को लगाया गया. इस हैवी ट्रांसफार्मर के लगने से ओवरलोड व लो वोल्टेज के साथ ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी
अघोषित बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ता आन्दोलन करेंगे
बांसडीह , बलिया. कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और विद्युतकर्मियों की मनमानी को लेकर आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने सोमवार को युवा नेता अभिजीत तिवारी, सत्यम के नेतृत्व में एसडीएम बांसडीह राजेश गुप्ता को पत्रक सौंप कर तत्काल विद्युत आपूर्ति व्यवस्थित करने और मामले की जांच की मांग की.
हीटवेव के कारण मौतें चिंताजनक
बलिया को बिजली कटौती से मुक्त किया जाए- कान्ह जी
बलिया. जनपद में हीट वेव के कारण मौतों का जो आकड़ा विभिन्न समाचार माध्यमों से सामने आ रहा है, वह चिन्ताजनक है.
क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों का बार-बार ध्यान आकृष्ट कराते हुए क्षेत्र में सरकार के मानक के अनुसार 18 घंटे बिजली सप्लाई की मांग निरंतर की जा रही है, लेकिन बैरिया पावर हाउस की कर्मचारी एवं अधिकारी अवैध रूप से संचालित वेल्डिंग मशीन, आरोप्लान्ट एवं आटा चक्की के उपभोक्ताओं से अवैध वसूली में ही व्यस्त रहते हैं. उनको बिजली आने और जाने से कोई मतलब नहीं है.
क्षेत्र में आजकल आए दिन हो रही बिजली की अघोषित कटौती से लोग काफी परेशान हैं.लोगों को दैनिक कार्य में काफी परेशानी हो रही है.
सिकंदरपुर: बिजली कटौती से आम लोग परेशान हैं. शहर से लेकर गांव तक वही हाला है. इसको लेकर लोगों में आक्रोश है. उनका कहना है कि जब विभाग समय से बिजली बिल वसूल रहा है तो पूरी सप्लाई क्यों नहीं दे रहा है.
कई माह से अघोषित विद्युत कटौती से नाराज बांसडीह क्षेत्र के लोग सोमवार से आमरण अनशन पर हैं. बिजली विभाग के खिलाफ लगातार तीन दिनों से चल रहे आमरण अनशन में बुधवार को सुबह ही बांसडीह सप्तर्षि द्वार के पास बांसडीह-बलिया, बांसडीह-मनियर और बांसडीह-रेवती मार्गों को जाम कर दिया.
मांगों में रामपुर दिघार सब स्टेशन से सप्लाई शुरू करना, हुसेनाबाद के 132 केवी ग्रिड से बांसडीह में बिजली, नगर पंचायत बांसडीह के जर्जर तार बदलना शामिल है.
जानकारी अवर अभियन्ता ने दी
रसड़ा नगर में विद्युत विभाग द्वारा अघोषित विद्युत कटौती से आजिज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी को पत्रक सौपा.
गुरुवार को कैबिनेट मंत्री नारद राय ने एनसीसी चौराहे पर एक विद्युत सब स्टेशन बनाने की घोषणा कर शहरियों को कुछ क्षण के लिए राहत जरूर दी. मगर जब तक वह व्यवस्था कारगर नहीं होती तब तक क्या लोग बलिया शहर में यूं ही घुट-घुट कर जिएंगे. मालूम हो कि शहर में 20 घंटे और ग्रामीण इलाकों कम से कम 16 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है. सच्चाई यह है कि बलिया शहर में बमुश्किल 10 से 12 घंटे की आपूर्ति हो रही है. गांवों का तो भगवान ही मालिक है.
मंगलवार की रात हाईटेंशन तार टूट जाने से बलिया शहर की आधी से ज्यादा आबादी इस उमस भरी गर्मी में करवट बदल-बदल कर किसी तरह रात काटी. गौरतलब बात यह है कि भिनसहरा तक आपूर्ति बहाल नही की गई. कृषि मंडी के पास हाईटेंशन तार टूट गया था. बुधवार को दोपहर तक इसे ठीक नहीं किया गया. इसके चलते आसपास के गांव वाले भी परेशान रहे.