सर्वप्रथम मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रचलित करके शुभारंभ किया गया. खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार गंगवार का स्थानांतरण बेलहरी ब्लॉक में हुआ है,
इस दौरान बताया गया कि यदि कोई मरीज किसी वजह से बाहर जाता है तो सम्बन्धित चिकित्सालय से कार्ड लेकर रेफर बनवा लें ताकि कहीं भी जाने पर उसे दवाएं उपलब्ध हो सकें.
कुलपति प्रो.संजीत कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन व शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा की गरिमामय उपस्थिति में भारत में चल रहे अभियान ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ की शपथ विद्यार्थियों, प्राध्यापकों तथा कर्मचारियों द्वारा ली गई.
खण्ड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित अध्यापकों की मांग पर बीआरसी परिसर में कम से कम 200 लोगों की बैठने के लिए एक बड़ा हाल एवं जर्जर बीआरसी हाल की मरम्मत करवाने के लिए ब्लाक प्रमुख सिंह ने भरोसा दिया.
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के तहत पुलिस अधीक्षक एस0 आनन्द के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा के एपीओ संजय गौतम के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप कोर्ट ने सजा सुनाई.
इसकी सूचना तुरन्त उभांव पुलिस को दी. सूचना मिलते उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव दलबल के साथ पहुँचकर दरवाजा तोड़कर युवक के शव को नीचे उतरवाया और शव को कब्जे में लेकर कागजी कारवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया
शास्त्रीय आधार व मंदिर पुजारी ब्रजेंद्र नाथ पांडेय के अनुसार इस मंदिर में देवी प्रतिमा की स्थापना मार्कण्डेय पुराण के अनुसार राजा सुरथ द्वारा की गई है जो चैत्र वंश में उत्पन्न हुए थे. उनका समस्त भूमंडल पर अधिकार था.
उधर आरोपी पक्ष के अनुसार जेई एवं उनके सहयोगी मेरे घर पर आकर बिजली कनेक्शन का वीडियो बनाने लगे.मना करने पर झूठा मुकदमा करा कर जेल भेजने की धमकी देने लगे.
परन्तु मध्यकाल में इसमें उत्तरोत्तर विकृतियां आने लगीं, फलस्वरूप लोग कन्या को भार मानने लगे तथा बालपन में ही उसका विवाह करवा कर अपने कर्तव्य से मुक्त होने लगे. इससे समाज में अनेक समस्याओं का जन्म हुआ.
ऐसे में उस समय तैनात रहे दोनों ब्रांचों के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. घटना के सात साल बाद खुलासा होने से हलचल मची हुई है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
सूचना मिलते ही मौके पर उभांव थाना पुलिस पहुंच गई और मामले में आवश्यक कार्रवाई तेज कर दिया. उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रामपुरचिट निवासी रामबिहारी उम्र 62, रामपुरचिट निवासी रामदयाल उम्र 40 व सरस्वती देवी उम्र 75 निवासी रामपुरचिट ई- रिक्शा पर सवार होकर बलिया की तरफ से फेफना की तरफ जा रहे थे, अभी दरामपुर गांव के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही सफारी कार ने जोरदार टक्कर मार दिया.
उक्त बातें सामाजिक चिंतक एवं गीतकार बब्बन विद्यार्थी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्यक्त किया.
कहा कि गीतों को साहित्य, भाव, छन्द, अलंकार एवं रस आदि द्वारा एक दुल्हन के श्रृंगार की तरह सजाया जाता है
किंवदंती है कि 1876 से पहले वाली जब यह स्थान गाजीपुर जिला में हुआ करता था, उस समय कोरंटाडीह को तहसील बनाया गया था. तहसील के निर्माण कार्य में यह मंदिर बाधक बन रहा था.