गंगा नदी में नहाते समय तीन भाई डूबे, साहसी लड़की और महिला ने दो भाइयों को बचाया, तीसरा भाई नदी में समाया

बैरिया, बलिया. स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम सभा केहरपुर के गंगौली गांव निवासी राजू सिंह का 11 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार सिंह रविवार की सुबह अपने तीन भाइयों व मां के साथ ठोकर संख्या 27, 900 पर गंगा जी में नहा रहे थे. इसी बीच तीनो भाई डूबने लगे. जिसमें से दो भाइयों को एक युवती व एक महिला ने किसी तरह बचा लिया. लेकिन तीसरा भाई गहरे पानी में समा गया. यह देख हाय तौबा मच गई बगल में हि कपड़ा साफ कर रही मां गंगा घाट पर अपने बच्चों को डूबते देख चिल्लानेव दहाड़ मार कर रोने लगी.

 

जैसे ही सूरज की डूबने की सूचना घर सहित गांव में पहुंचा कोहराम मच गया व पूरे गांव में मातम पसर गया हर कोई जैसे तैसे गंगा घाट पर पहुंचा और इसकी सूचना बैरिया पुलिस के देने के साथ ही उच्च अधिकारियों को दी.

सूचना के तत्काल ही रामगढ़ पुलिस चौकी के चौकी इंचार्ज मिथिलेश तिवारी मौके पर पहुंच गए लेकिन घटना उनके हलके से बाहर होने के कारण उन्होंने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी.

 

 

सूचना के घंटों बाद देर तक कोई अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा तो गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 31 को जाम कर दिया जिससे चारों तरफ खलबली मच गई.

 

आनन फानन में  पहुंचे उपजिलाधिकारी बैरिया अत्रैय मिश्र व क्षेत्राधिकारी उस्मान ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम मुक्त कराया. कहा कि गोरखपुर से गोताखोरों को बुलाया गया है. आते ही शव को खोजने का कार्य किया जाएगा. तब तक स्थानीय नाविकों की मदद ली जा रही है.

 

बैरिया थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह बैरिया चौकी इंचार्ज सुनील सिंह दरोगा सुभाष यादव राम नगीना हेड कांस्टेबल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहे. बैरिया पुलिस ने शव को गोताखोरों की मदद से खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई .

बता दें कि बैरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सभा केहरपुर गांव के पुरवा गंगौली गांव निवासी राजू सिंह की पत्नी रिंकू देवी अपने बड़े पुत्र अमन कुमार 15 वर्ष अतुल कुमार 13 वर्ष सूरज कुमार 11 वर्ष व छोटे भाई कृष्णा सिंह की पुत्री आरुषि 13 वर्ष को लेकर सुबह करीब 7 बजे गंगौली गांव के समीप बने ठोकर संख्या 27,900 पर स्नान करने पहुंची थी. इसी बीच मां रिंकू देवी कपड़ा धो रही थी और तीनों भाई बगल में नहा रहे थे. इसी बीच तीनों भाई का पैर फिसल गया और डूबने लगे. बगल में स्नान कर रही गंगौली गांव निवासी हरि शंकर शाह की पुत्री पूजा भी स्नान कर रही थी. उसकी नजर डूबते हुए लड़कों पर पड़ी तो वह बचाने के लिए आगे बढ़ी. डूब रहे बच्चों ने तेजी के साथ उसे पकड़ने का प्रयास किया. इसी बीच पूजा का भी संतुलन बिगड़ने लगा बगल में स्नान कर रहे नेमी मल्लाह की पत्नी ने किसी तरह पूजा के साथ मिलकर दो बच्चों को तो बचा लिया. लेकिन सूरज गहरे पानी में समा गया.

 

उधर मां रिंकू देवी बच्चों को डूबते देख चिल्लाने लगी लेकिन मां के आंखों के सामने ही गंगा मां ने रिंकू देवी के कलेजे के टुकड़े सूरज को छीन लिया. मां रिंकू देवी रोते-रोते बेहोश हो गई किसी तरह महिलाओं ने रिंकू देवी को घर पहुंचाया. अचानक हुई इस हृदय विदारक घटना से हर कोई अस्तभ है.

 

(बैरिया संवाददाता वीरेंद्र मिश्र की रिपोर्ट)