बलिया: डीएम ने गुलाब की खेती करने वाले किसानों और इत्र कारीगरों से ली जानकारी

बलिया. जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने सिकंदरपुर स्थित कठौरा गांव में गुलाब की खेती करने वाले किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी. उन्होंने गुलाब की खेती करने वाले किसानों को सुझाव दिया कि व अन्य प्रकार के गुलाबों की भी खेती करें. इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गुलाब के फूल से इत्र बनाने वाले कारीगरों से मुलाकात की और इस संबंध में उनसे जरूरी जानकारी ली.

 

जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि गुलाब की खेती करने वाले और इसका इत्र बनाने वाले लोगों को जो भी समस्याएं आ रही है उसे जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाए.

 

इत्र के कारीगरों ने जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए बताया कि पहले यहां पर बड़े पैमाने पर इत्र बनाया जाता था, लेकिन किसानों और कारीगरों को उचित मूल्य न मिल पाने के कारण यह उद्योग धंधा धीरे-धीरे पिछड़ता चला गया. वर्तमान समय में यह अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा है.

 

जिलाधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन उन्हें हर तरह की मदद उपलब्ध कराएगा. जिस प्रकार से कन्नौज में इत्र का व्यापार होता है उसी तरह बलिया में भी इत्र का व्यापार होगा. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि गुलाब का इत्र बनाकर बेचने वाले लोग आसपास के बाजारों में ही अपने माल को ब्रांडिंग करके बेचने का प्रयास करें. जिससे ना केवल उनके उनको मुनाफा होगा बल्कि इस उद्योग को भी फलने फूलने का मौका मिलेगा क्योंकि समय के साथ यह उद्योग धंधे बंद होते जा रहे हैं और उनकी जगह बोतलबंद अल्कोहल युक्त परफ्यूम लेते जा रहे हैं.

 

उन्होंने बाजार में भी जाकर इत्र बेचने वालों से मुलाकात की और उसके संबंध में जरूरी जानकारी हासिल की. उनके साथ सीडीओ प्रवीण वर्मा जिला कृषि अधिकारी तथा अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे.

 

 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बैठक


बलिया. कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना “पर ड्राप मोर काप” – माइकोइरीगेशन अन्तर्गत जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति (डी०एल०आई०सी०) एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत जिला औद्यानिक मिशन समिति (डी०एच०एम०सी०) की बैठक आयोजित की गई.

 

बैठक का मुख्य विषय विभाग द्वारा संचालित उपरोक्त योजनाओं सहित अन्य योजनाओं के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों के क्रियान्वयन हेतु अनुमोदन पर विस्तृत विचार विमर्श करते हुए अनुमोदन लिया जाना था. बैठक में शीतल प्रसाद वर्मा, प्र०जिला उद्यान अधिकारी द्वारा उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राज्य सेक्टर, नमामि गंगे योजना, हर्बल गार्डेन, औषधिय पौध मिशन, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना इत्यादि योजनाओं के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों, पंजीकरण एवं कृषक चयन की प्रक्रिया, अनुदान अतंरण की प्रक्रिया इत्यादि विस्तार से प्रकाश डाला गया.

 

बैठक में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कृषकों की समस्याओं एवं महत्वपूर्ण सुझाओं को समाहित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा जैविक खेती, ग्राम-सिकन्दपुर में गुलाब की खेती, पोर्टेबल स्प्रिंकलर, एच०डी०पी०ई० वर्मी वेड एवं जनपद में औषधीय खेती को चिन्हित कर विभागीय लक्ष्यों को जनपद की माँग के अनुसार बढ़ाये जाने का निर्देश व सुझाव दिया गया. औद्यानिक खेती कर रहे कृषकों को किसी आपदा से हुई क्षति से राहत प्रदान किये जाने हेतु औद्यानिक फसलों को भी चिह्नित कर फसल बीमा के अन्तर्गत लाये जाने का सुझाव दिया गया.

 

कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन एवं महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर तकनीकी जानकारी आहरण वितरण अधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी, मऊ द्वारा दिया गया. अध्यक्ष द्वारा बैठक के अन्त में औद्यानिक खेती विशेषकर जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने, जनपद में कृषकों की मांग के अनुरूप फल व सब्जी बीजों की उपलब्धता कराये जाने हेतु अन्तर्गत विभाग के बछईपुर प्रक्षेत्र पर मनरेगा योजना से हाइटेक नर्सरी स्थापित किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कराये जाने का निर्देश देते हुए बैठक के समाप्ति की घोषणा की गयी.

 

बैठक में जिलाधिकारी के साथ-साथ मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मण्डी निरीक्षक, कृषि वैज्ञानिक, जिला वन अधिकारी के प्रतिनिधि एवं सहयोगी विभागों के प्रतिनिधि, किसान संघ के अध्यक्ष एवं जनपद बलिया के अन्य प्रगतिशील कृषक इत्यादि सम्मिलित रहे.

 

(बलिया से केके पाठक की रिपोर्ट)