दुबहर, बलिया. रोजगार सेवकों ने पिछले तीन महीने से अपने बकाया मानदेय को लेकर सोमवार के दिन ब्लॉक मुख्यालय पर वीडियो कक्ष के सामने संघ के जिला महामंत्री त्रिविक्रम नारायण देव पांडे के नेतृत्व …
दुबहर, बलिया. रोजगार सेवकों ने पिछले तीन महीने से अपने बकाया मानदेय को लेकर सोमवार के दिन ब्लॉक मुख्यालय पर वीडियो कक्ष के सामने संघ के जिला महामंत्री त्रिविक्रम नारायण देव पांडे के नेतृत्व …
उन्होंने कहा कि बीस माह से मानदेय न मिलने से आर्थिक और मानसिक तनाव की स्थिति में इटावा, हाथरस, कासगंज और गोरखपुर के पूर्व जिलाध्यक्षों ने खुदकुशी कर ली.
रोजगार संघ चिलकहर के रोजगार सेवकों ने बीडीओ को दिये प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनको बीस माह से मानदेय न दे मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है.
मांग पूरी न होने पर दी तालाबंदी की चेतावनी
बैरिया विकास खंड कार्यालय पर विगत एक पखवारे से चले आ रहा रोजगार सेवकों का आन्दोलन मुख्य विकास अधिकारी के आश्वासन के बाद मंगलवार को समाप्त हो गया.
बैरिया ब्लाक मुख्यालय पर 14वें दिन भी रोजगार सेवकों का आन्दोलन जारी रहा. उनके समर्थन में जिले भर के रोजगार सेवक संगठन के पदाधिकारी बैरिया पहुंच कर उनके साथ धरना पर बैठे. यहां के रोजगार सेवकों का मानदेय विगत 18 माह से लम्बित पड़ा है. इस मांग को लेकर 14 दिन से रोजगार सेवक ब्लाक के कार्यालय पर ताला बन्द कर दरी बिछाकर धरना पर सुबह से शाम तक बैठ रहे हैं.
बैरिया ब्लाक मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को 13वें दिन भी रोजगार सेवकों का आन्दोलन जारी रहा. उनके समर्थन में जिले भर के रोजगार सेवक संगठन के पदाधिकारी बैरिया पहुंच कर उनके साथ धरने पर बैठे. यहां के रोजगार सेवकों का मानदेय विगत 18 माह से लम्बित पड़ा है.
ब्लाक मुख्यालय पर तीसरे दिन शुक्रवार को भी रोजगार सेवकों ने तालाबन्दी रखा. किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को कार्यालय में घुसने नहीं दिया. बल्कि आज तो रोजगार सेवकों ने अपने मानदेय का ब्लाक एकाउन्टेन्ट, मनरेगा एकाउन्टेन्ट व सम्बन्धित अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग आठ लाख रुपये की घपलेबाजी का आरोप लगाया.
बैरिया ब्लाक पर रोजगार सेवकों ने दूसरे दिन गुरुवार को भी तालाबन्दी कर काली पट्टी बांध दिन भर धरना दिया. उनका कहना था कि सरकार अन्य सभी काम कर रही है, लेकिन रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान 18 महीने से रोक कर उनका उत्पीड़न कर रही है.
बैरिया ब्लॉक क्षेत्र के रोजगार सेवकों ने बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय पर एक बार फिर ताला लटका दिया. रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनका मानदेय पिछले 18 माह से बकाया है.
अपने चुनावी वादों में शिक्षा मित्रों और रोजगार सेवकों के स्थायीकरण को अब तक पूरा न कर पाने के कारण इसके तबके में विरोध का स्वर और तेज होता जा रहा है. सरकार ने जहां आधे से अधिक शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में समायोजित करके प्रशंसा पाई है, वही शेष बचे शिक्षा मित्रों को समायोजित करने के लिए कसरत करती नज़र आ रही है. लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद अब तक रोजगार सेवकों का समायोजन न कर पाना उसे महंगा पड़ सकता है.
ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को एसोसिएशन कार्यालय में हुई. इस मौके पर रोजगार सेवकों ने सपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. इस मौके पर 11 जुलाई को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की गई.