22 अगस्त 1942 को भी आजाद रहा बलिया, नेदरसोल फौज के साथ पहुंचा

22 अगस्त 1942 को बलिया आजाद रहा. गवर्नर के आदेश पर नेदरसोल फौज के साथ बलिया पहुंचा. क्रांतिकारियों पर बर्बर अत्याचार हुआ. 15 वर्षीय सूरज प्रसाद की मौत हुई. गोलीकांड में 121 लोग मारे गए, 256 घायल हुए और करीब 1000 गिरफ्तार किए गए.