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जानकारी के अनुसार प्रतिदिन की भांति वह रात में ड्यूटी करने के बाद अपने रूम में सोए हुए थे. सुबह उनका शव कमरे में मृत अवस्था में पाया गया. घटना की जानकारी मिलने पर उनका छोटा भाई अतुल प्रकाश सिंह सगे संबंधियों के साथ वाराणसी के लिए रवाना हो गए. समाचार लिखे जाने तक उनका शव पोस्टमार्टम के बाद वाराणसी पैतृक आवास मनियर के लिए चलने की सूचना प्राप्त हुई है.
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीमेंट की पटिया से ढके कुएं को खुलवाया तो उसमे सुखी जलकुम्भी था. शक के आधार पर जलकुम्भी को बाहर निकाला गया तो अंदर लाश पड़ी थी. ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकाला गया. उपस्थित लोगों की मदद से मृतक की पहचान विक्रम सिंह (28) पुत्र उमाशंकर सिंह के रूप में हुई।जिसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे. पुलिस ने कुंए से तीसरा शव भी मिला है. मृतक की पहचान संदीप सिंह (35) पुत्र उमाशंकर सिंह के तौर हुई है.
पुलिस अधीक्षक बलिया द्वारा चलाए जा रहे माल निस्तारण अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी बांसडीह के निर्देशन में विगत सोमवार को थाना मनियर के माल मुकदमाती कुल 197 शराब उप जिलाधिकारी बांसडीह दीपशिखा सिंह ,क्षेत्राधिकारी बांसडीह राजेश कुमार तिवारी एवं प्रभारी निरीक्षक मनियर कमलेश कुमार के उपस्थिति में नष्ट किया गया. पूर्व में न्यायालय जेएम द्वितीय बलिया के आदेश द्वारा भी शराब नष्ट करने हेतु आदेशित किया गया था.
हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में जनपद के तीन जांबाज पत्रकार अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह एवं मनोज गुप्ता को पत्रकार वेलफेयर सोसाइटी बलिया द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि एवं सभा अध्यक्ष द्वारा स्मृति चिन्ह तथा अंगवस्त्रम से माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित जनपद के पत्रकारों ने इन तीनों पत्रकार साथियों के साहस और धैर्य की सराहना की जिन्होंने सच को उजागर करने के लिए जेल तक जाने से भी परहेज नहीं किया.
टीम की वक्ताओं ने महिला अपराध के तहत घरेलू हिंसा,छेड़छाड़,आदि के बारे में विस्तृत बताते हुए कहा कि सरकार ने तमाम योजनाएं पारित की है. उसमें एक महत्वपूर्ण योजना मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को बढ़ावा देने की है. जिससे कोई महिला खुद को कमजोर महसूस न कर सके. यही वजह है कि लखनऊ से चलकर 1090 की टीम बांसडीह पहुंची.
पत्रकारिता दूध फूंककर पीने की नहीं बल्कि छाछ फूंक कर पीने की चीज हो गई है. आज इस विधा से जुड़े लोगों को पत्रकारिता दिवस पर आत्म चिंतन करने की जरूरत है कि पत्रकारिता बेबाक रहेगी या सत्ता की गुलाम बन कर रह जाएगी. अगर बेबाक रही तो समाज राष्ट्र निर्माण के काम आएगी अगर सत्ता की कठपुतली बनी तो देश और समाज में विघटन पैदा करने का काम करेगी.
दुबहर थाना क्षेत्र के दुबहर निवासी अभिषेक सिंह उर्फ गांधी, उम्र- लगभग 32 वर्ष पुत्र सुरेश सिंह एवं मनीष सिंह, उम्र- लगभग 20 वर्ष पुत्र दीनबंधु सिंह दुबहर ढाले के किनारे खड़े होकर आपस में वार्तालाप कर रहे थे. इसी बीच बैरिया के तरफ से द्रुतगति एवं लापरवाही से आ रही लाल बालू से लदी ओवरलोडेड ट्रक दोनों युवकों को धक्का मारते हुए एक दुकान में जाकर टकरा गई. धक्का इतना जोरदार था कि दोनों युवक ट्रक के निचले हिस्से के चेसिस में फंस गए.
