उन्होंने कहा कि बीस माह से मानदेय न मिलने से आर्थिक और मानसिक तनाव की स्थिति में इटावा, हाथरस, कासगंज और गोरखपुर के पूर्व जिलाध्यक्षों ने खुदकुशी कर ली.
सूचना मिलने पर वे बंधा पर पहुंचकर पुलिस ने चारों घेर लिया. उन्होंने बताया कि पुलिस को देख पशु तस्कर भागने का प्रयास करने लगे.पिकअप सहित पांचो पकड़ लिये गये.
अधिवक्ताओं ने कहा कि वे तीन से 14 दिसम्बर तक न्यायिक कार्य से विरत रह हड़ताल पर रहे. क्रमिक अनशन के बाद भी शासन और प्रशासन की अनदेखी से वे आक्रोशित हैं.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांगों में किसानों के कर्ज वापसी पर बैकों द्वारा सहूलियत देना, किसानों की खेती में फायदा ज्यादा देना, बिजली बिल घटाना शामिल हैं.
ग्रामीणों की माने तो आर्यन सिंह और संजय पांडेय के लड़के के बीच चार-पांच माह पहले झगड़ा हुआ था. संजय पांडेय के लड़के और अन्य लोगों ने आर्यन पर हमला बोल दिया.