कृष्ण- और सुदामा के मिलन का मार्मिक मंचन देख श्रद्धालुओं के आखों से आंसू छलकने लगे.
कृष्ण- और सुदामा के मिलन का मार्मिक मंचन देख श्रद्धालुओं के आखों से आंसू छलकने लगे.
उन्होंने यमुना किनारे असंख्य गोपियों संग रासलीला और उसमें पहुंचने के लिए भगवान शंकर के जाने से रोकने और तब भगवान शंकर द्वारा वेश बदलने की कथा भी रोचक तरीके से सुनाया.
स्थानीय क्षेत्र के घोड़हरा स्थित महंथ जी के मठिया में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सभी भक्तों को आचार्य पंडित सिद्धनाथ जी द्वारा पंचम दिवस की कथा श्रवण कराई गई जिसमे श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया.
श्रीकृष्ण के जयकारे लगने लगे, टाफियां हवा में उछाली जाने लगी और महिलाएं ‘नन्द जी के अंगना में आज बज गयी बधाई… मंगलगीत गाने लगी.
रेवती जोगीबीर बाबा स्थल प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से पधारे गायक कलाकारों ने जलवा बिखेरा.
दूसरों के निमित्त किया गया कार्य विशेष फलदाई होता है. मनुष्य को अपनी संस्कृति और संस्कार के अनुसार ही जीवन जीना चाहिए. उक्त बातें महान मनीषी संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने भृगु क्षेत्र में जनेश्वर मिश्र सेतु एप्रोच मार्ग के निकट हो रहे चातुर्मास व्रत के दौरान बुधवार की देर शाम प्रवचन में कही.
बिल्थरारोड, बलिया. भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण दिवस ‘जन्माष्टमी’ का पावन पर्व सोमवार की शाम को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. नगर से लेकर गांव तक जय हो कन्हैया लाल की …
नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर भोजापुर में श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन