पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से बलिया जनपद प्रशासन ने पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि..
पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से बलिया जनपद प्रशासन ने पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि..
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील किया कि वह शासन स्तर से जनपद में खोले गए धान क्रय केंद्रों पर ही अपनी उपज बेचें. उन्होंने डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिया कि धान खरीद में कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए.
इस अवसर पर डीडीओ राजित राम मिश्र, जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति, डीएसओ रामजतन यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी संतोष यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी व जनपद के किसान भाई मौजूद थे.
इससे बचने के लिए कृषि विभाग जिले के किसानों को करीब 42 हजार वेस्ट डी कंपोजर वितरित करेगा. इसके जरिए खेतों में ही पराली की खाद बनाई जा सकती है.
नवानगर के कर्मचारियों द्वारा अपने उपस्थिति में पराली वाले खेत मे हैपी सीड ड्रिल से बुआई कराई और किसानों को प्रदर्शन के माध्यम से इसको दिखाया भी. इसी कड़ी में प्रत्येक विकासखण्ड में पराली को सड़ाने हेतु डी कंपोजर भी निः शुल्क वितरित किया गया.
सरकार पराली जलाने पर मुकदमा लिखे जाने एवं आर्थिक दंड का प्रावधान की है लेकिन फिर भी कुछ किसान इन सब की अनदेखी कर पराली जला रहे हैं.
किसान भाईयों को सूचित करते हुए जिला उप कृषि निदेशक इन्द्राज ने बताया है कि अपने खेतों में धान की पराली/फसल अपशिष्टो को बिल्कुल भी न जलाएं, पराली/फसल अपशिष्टों का वैकल्पिक उपयोग यथा-बायो एनर्जी,कम्पोस्ट खाद इत्यादि के लिए करें, जिसके फलस्वरूप मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की बढ़ोतरी से मिट्टी जीवाणुओं की क्रियाशीलता बढ़ती है, और उत्पादन बढ़ता है.
वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के मद्देनजर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने पराली और अन्य कृषि अपशिष्ट को नहीं जलाने का निर्देश दिया है.
पराली जलाने को गंभीर भूल मान इसके लिए प्रशासन और पुलिस को जिम्मेदार ठहराने का आदेश दिया है. इससे प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गयी है.