लहसनी निवासी वैदिक विद्वान पं दुर्गेश पांडेय के मुताबिक इस बार जीवित्पुत्रिका का व्रत 28 सितंबर से शुरू होगा जो 30 सितंबर चक चलेगा. माताएं 29 सितम्बर को व्रत रखेंगी.
लहसनी निवासी वैदिक विद्वान पं दुर्गेश पांडेय के मुताबिक इस बार जीवित्पुत्रिका का व्रत 28 सितंबर से शुरू होगा जो 30 सितंबर चक चलेगा. माताएं 29 सितम्बर को व्रत रखेंगी.
व्रती माताओं के चेहरे चांदी की जिउतिया और फल पाकर खिल उठे
पितृपक्ष के दौरान अष्टमी तिथि को जीवित पुत्रिका व्रत किया जाता है, जो 22 सितंबर को है. संतान के दीर्घायु के जिउतिया सप्तमी को नहाय-खाय से शुरू होता है.
जिउतिया स्थानार्थियों को ले जा रही टैम्पू पलटी, चार महिलायें घायल
छपरा सारिब (तुलसीछपरा) निवासी 12 वर्षीय किशोर लवकुश यादव पुत्र टुनटुन यादव मंगलवार की देर सायं अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गया
पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) और बिहार के ज्यादातर इलाकों में जिउतिया (जितिया) मनाया जाता है. “जितिया पावैन” एक अपभ्रंश है. इसका सही नाम होता है जीविकपुत्रिका व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत).
जीवितपुत्रिका व्रत स्नान के दौरान तीन डूबे, दो का शव मिला तीसरे की खोज जारी
दुबहर थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर घाट पर जीवित्पुत्रिका के दिन गंगा में नहाते समय डूबी रूमन (18) पुत्री रामजी साहनी का शव शनिवार की दोपहर में काफी खोजबीन के बाद बरामद कर लिया, जबकि उसके साथ डूबी दौलत (18) पुत्री राजेंद्र साहनी को काफी मशक्कत के बाद भी खबर लिखे जाने तक ढूंढा नहीं जा सका है.
सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत श्रीरामपुर घाट पर शुक्रवार को देर शाम जिउतिया नहाने गईं दो युवततियां गंगा में डूब गईं. बड़ी मशक्कत के बाद भी उन्हें निकाला नहीं जा सका. उधर, नरहीं थाना क्षेत्र के पलिया खास घाट पर गंगा में डूबने से एक बालक की मौत हो गई.
थोड़े समय पूर्व तक यह उपवास सिर्फ पुत्रों के लिए किया जाता था. लेकिन “जितिया पावैन” एक अपभ्रंश है. इसका सही नाम होता है जीविकपुत्रिका व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत). ध्यान दीजिये, यहां “पुत्री” शब्द है, पुत्र नहीं. धीरे धीरे कभी पिछले हज़ार-बारह सौ सालों की गुलामी में इसका स्वरूप बिगड़ा और यह सिर्फ पुत्रों के लिए हो गया.