प्रभु श्री कृष्ण अर्जुन से कहते है- हे अर्जुन ! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं प्रकट होता हूँ.
प्रभु श्री कृष्ण अर्जुन से कहते है- हे अर्जुन ! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं प्रकट होता हूँ.
आराध्य प्रभु राम के जन्मस्थान पर बन रहे श्री मन्दिर के भूतल के गर्भ गृह में रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होते देख रहें हैं.
दुबहर, बलिया. क्षेत्र के दादा की छपरा स्थित आदि ब्रम्ह बाबा के स्थान प्रति वर्ष की भाति इस वर्ष भी अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया जिसका समापन मंगलवार के दिन आरती हवन पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ हो गया.
सर्वप्रथम माल्देपुर गंगा घाट पर विद्यार्थी कार्य विभाग के स्वयंसेवकों द्वारा शाखा लगाई गई व शाखा में प्रतिदिन होने वाले शारीरिक कार्यक्रम जैसे योग, आसन, समता व खेल तथा बौद्धिक कार्यक्रम जैसे गीत, कहानी, अमृतवचन व प्रार्थना कराई गई.
लंका विजय के बाद भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी में मनाए जाने वाले इस पर्व के प्रति लोगों का उत्साह चरम पर था. दिन भर की साफ-सफाई के बाद शाम ढलते ही घरों और प्रतिष्ठानों में समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी व शुभ के देवता भगवान गणेश का पूरे विधि-विधान के साथ आह्वान किया गया.