बलिया में हर साल रक्षाबंधन के मौके पर निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूस की तैयारी की समीक्षा नवागत जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने मातहतों के साथ किया. इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट, प्रभारी पुलिस अधीक्षक राम योगी यादव, विष्णुपुर मस्जिद के सेक्रेटरी अफसर आलम सिकंदर खान, नगर पालिका परिषद के चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
जंगे आजादी में युवाओं के योगदान, छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति की बानगी है बलिया का महावीरी झंडा जुलूस. ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर पांडुलिपि संरक्षण मिशन के जिला समन्वयक शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि ब्रितानी गुलामी के अमंगल को मिटाने के लिए प्रथम बलिदानी मंगल पांडेय की धरती पर उनकी बगावत के 52 साल बाद जॉर्ज पंचम की ताजपोशी के विरोध में महावीरी झंडा जुलूस की शुरुआत हुई थी.
बैरिया थाने पर कब्जा करने की नीयत से बलिया के कोने-कोने से हजारों लोगों का हुजूम इकट्ठा हुआ. सबसे पहले बैरिया थाने पर लोग टूट पड़े और घुड़साल को लोगों ने जमींदोज कर दिया. इस घटना से भड़की ब्रिटिश पुलिस ने भीड़ पर गोलियों की बौछार कर दी. नारायणगढ़ निवासी युवा कौशल किशोर सिंह बैरिया थाने पर तिरंगा फहराते हुए पुलिस की गोली से शहीद हो गए.
नरहीं थाने पर बीते शुक्रवार को हुई घटना में विनोद राय की मौत, पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार तक की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच मुख्य राजस्व अधिकारी बी राम द्वारा की जा रही है. मुख्य राजस्व अधिकारी ने कहा है कि इस सम्बन्ध में इस घटना के बारे में यदि किसी को कुछ कहना है तो कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय में 31 अगस्त, 2016 तक किसी भी कार्यदिवस में आकर अपना अभिलिखित बयान दर्ज करवा सकते हैं.
