खेसारीलाल यादव की फ़िल्म संघर्ष के रिलीज की तैयारी पूरी , 24 अगस्त से सिनेमाघरों में

अक्सर भोजपुरी सिनेमा को एक अलग नज़रिये से देखा जाता है, मगर पिछले दिनों जब से इस इंडस्ट्री में भी साफ सुथरी फिल्मों का चलन बढ़ा है, उसके बाद एक से एक फिल्में आ रही है, जिसे दर्शक तो पसंद कर ही रहे हैं. फ़िल्म क्रिटिक भी सरप्राइज्ड हैं.

आखिर पवन सिंह की हिरोइन ने क्‍यों उठाई तलवार – जानिये 31 अगस्‍त से

कहते हैं औरत को कभी अबला नहीं समझना चाहिए. क्‍योंकि जब उनकी अंदर की शक्ति जगती है, तो वो संहार तक करने की क्षमता रखती हैं. ऐसा ही कुछ हुआ एक अबला के नारी के साथ, जिसने तलवार उठाई कर जंग का ऐलान कर दिया.

गड़वार के युवा कवि अदनान कफील दरवेश को ‘भारत भूषण अग्रवाल’ पुरस्कार

अदनान की यह कविता माँ की दिनचर्या के आत्मीय, सहज चित्र के जरिेए “माँ और उसके जैसी तमाम औरतों” के जीवन-वास्तव को रेखांकित करती है. अपने रोजमर्रा के वास्तविक जीवन अनुभव के आधार पर गढ़े गये इस शब्द-चित्र में अदनान आस्था और उसके तंत्र यानि संगठित धर्म के बीच के संबंध की विडंबना को रेखांकित करते हैं.

…और बैरिया कस्बे में अचानक महिलाओं ने बारिश के लिए शुरू किया परम्परागत टोटका

एक घंटे तक चला भागम-भाग, गाली गलौच, पानी फेंकौव्वल व हास परिहास का दौर

पिछले साल हुए बवाल को लेकर प्रशासन रही हलकान, सकुशल समापन पर सब बोले जय हनुमान

शान्ति पूर्ण सम्पन्न हुआ महावीरी झण्डा जुलूस, प्रशासन ने ली राहत की सांस