यहाँ कभी चर्चा के द्वारा आपको भिखारी ठाकुर जीवंत लगेंगे तो कभी पहली भोजपुरी फ़िल्म ‘गंगा मइया तोहके पियरी चढ़ाइबो’ की सुगंध अनुभव होगा. कभी छठ, कहँरवा, जँतसार सुनाई देगा तो कभी कबीर-रैदास भी सुनाई देंगे.
यहाँ कभी चर्चा के द्वारा आपको भिखारी ठाकुर जीवंत लगेंगे तो कभी पहली भोजपुरी फ़िल्म ‘गंगा मइया तोहके पियरी चढ़ाइबो’ की सुगंध अनुभव होगा. कभी छठ, कहँरवा, जँतसार सुनाई देगा तो कभी कबीर-रैदास भी सुनाई देंगे.
डॉ राजीव ने बताया कि फिजियोथेरेपी में न्यूरोलॉजी, हड्डी, हृदय, बच्चों व वृद्धों की समस्याओं के क्षेत्र से जुड़े खास एक्सपर्ट भी होते हैं. आमतौर पर फिजियोथेरेपिस्ट इलाज शुरू करने से पहले बीमारी का पूरा इतिहास देखते हैं.
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन का एक फ्लैगशीप कार्यक्रम बन चुका है. इसे 13 भारतीय भाषाओं में डब किया गया है और देश भर के 216 ऑल इंडिया रेडियो स्टेशन पर भी प्रसारित किया जा रहा है. इस बार, आरईसी फाउंडेशन व बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया का समर्थन किया है.
अब तक प्रोमो को 2.5 मिलियन से ज्यादा लोगों ने देखा है. मेरे लिए, दबाव से अधिक, यह कुछ बनाने का जुनून है जो मेरा सपना रहा है. जब मैं 21 साल की था, तब इसे बनाना एक चीज थी, अब मैं दोगुनी लगन और मेहनत के साथ काम कर रहा हूं. उच्च कोटि का मानक सेट करने वाले एक शो को बनाने की अपनी चुनौतियां होती हैं
मजेदार पारिवारिक ड्रामा थ्रिलर है फैमिली ऑफ ठाकुरगंज, 19 जुलाई को होगी रिलीज : यशपाल शर्मा
सच्चे दिल से फिल्मों में काम करने की है ख्वाहिश : प्रणति राय प्रकाश
टेलीवीजन ने फिल्मों में अभिनय करना कर दिया मेरे लिए आसान : नंदीश संधू
संसाधनों की कमी की वजह से बिहार में शूटिंग आसान नहीं : अजय कुमार सिंह
नोरा इस गाने में एक छोटे से बार में नाच रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ जॉन अब्राहम इन्वेस्टीगेशन में लगे हुए हैं. इस गाने को कंपोजर तनिश बागची ने रीक्रिएट किया है और सिंगर नेहा कक्कड़, तुलसी कुमार और बी प्राक ने गाया है. गाने के लिरिक्स ओरिजिनल वर्जन से बिल्कुल अलग हैं, जिससे हो सकता है कि आपको ये ज्यादा पसंद ना आए. लेकिन नोरा फतेही का डांस इस गाने की जान है, जो आपके दिल में जरूर उतर जाएगा.
ज्योतिषियों के अनुसार खग्रास चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन है. इस दिन मंगलवार है और उत्तर आषाढ़ नक्षत्र है. इस ग्रहण के चलते राजनीतिक उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदा और भारतीय राजनीति में उतार-चढ़ाव की संभावना है.
सिखाया योग, दिया नशामुक्ति का संदेश
टाइप्ड फॉर्मूले से अलग कुछ नया व बेहतर करने के उद्देश्य के साथ पिछले दिनों मुम्बई में युवी फिल्म्स के बैनर तले भोजपुरी फ़िल्म “ये कैसा इश्क़ है” का मुहूर्त बड़े धूमधाम के साथ किया गया, जिसके निर्माता विभा देवी व सह-निर्माता मनोज राय और नरेश प्रसाद सिंह हैं.
लोक आस्था के महापर्व छठ के शुभ अवसर पर 14 नवम्बर को जुबली स्टार दिनेशलाल यादव निरहुआ की फ़िल्म’निरहुआ हिंदुस्तानी 3′ रिलीज होगी. ये जानकारी आज खुद पटना के होटल रिपब्लिक में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिनेशलाल यादव निरहुआ ने दी.
अनूठे शो लाइन-अप्स और क्षेत्र में भागीदारी पूर्ण ऑन-ग्राउंड गतिविधियों की पेशकश करने के लिये मशहूर बिग गंगा ने अपने कार्यक्रम ‘जय छठी माई’ को पेश किया है. चैनल द्वारा इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के सबसे बड़े पर्व छठ पूजा की छटा दिखाई गयी.
आपका पुश्तैनी घर अब बूढ़ा गया है और धीरे-धीरे उसके मुंडेर गिर रहे हैं. साज-सज्जा और प्लास्टर अब दीवार से अलग हो रहे हैं. उस जगह पर अब दिन भर कुत्ते बैठते हैं, जहां से घर के बड़े बुजुर्ग (बाबा) सबको डांटते, बोलते और गरियाते थे. ट्रैक्टर जहां खड़ा होता था, वहां अब दीमक और चींटियों का डेरा है.
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान की फिल्म ‘ठग ऑफ हिंदुस्तान’ से पहले 2 नवंबर को अजीबोगरीब नाम वाली हिंदी फिल्म ‘कुत्ते की दुम’ रिलीज हो रही है. इसके बारे में फिल्म के डायरेक्टर सुनील पटेल ने कहा कि फिल्म का टायटल सब्जेक्ट की मांग है.
बलिया हाथी के कान जैसा पूड़ी बनाने के लिए मशहूर है. एक पूड़ी में हम जैसों का पेट भर जाता है. ज्यादा खाने वाले दो या ढाई भी खा जाते हैं. इसका स्वाद बुनिया और दही के साथ और भी लाजवाब हो जाता है. पूड़ी के साथ कुम्हणे की सब्जी हो तो फिर क्या कहने !
शरद पूर्णिमा 24 अक्टूबर को है. इसे कोजगार पूर्णिमा भी कहते हैं. इसे जागृति पूर्णिमा या कुमार पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. पुराणों के अनुसार कुछ रातों का बहुत महत्व है जैसे नवरात्रि, शिवरात्रि और इनके अलावा शरद पूर्णिमा भी शामिल है.
फिल्मों के बाद अब भोजपुरी अलबमों में भी बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं, जिसका बेस्ट उदाहरण ‘राजाजी कइसे मिले आई’ गाना है. इसमें आशी और आयुषी के रोमांस को बेहद साफ सुथरे और इंटरटेंनिंग तरीके से बनाया गया है.
छठ महापर्व पूजा पर आधारित यश कुमार की फिल्म ‘बिटिया, छठी माई के’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसमें यश कुमार कई शेड में दिख रहे हैं या यूँ कहें की यश कुमार अब तक के सबसे बेहतरीन रोल में दिख रहें हैं. एक बार फिर यश कुमार के इस जलवे को देख पुरा फ़िल्म उद्योग स्तब्ध है और ट्रेलर देख ऐसा लगता है जैसे भोजपुरी सिने उद्योग बदल रहा है.
मैं सतीशचंद्र डिग्री कालेज, बलिया में जब पढ़ रहा था, तब सप्ताह में एक बार शनिवार के दिन अपने गांव जाया करता था. शनिवार के दिन शाम को लोकल ट्रेन पकड़ता, जिसे इंटरसिटी कहते थे.
भोजपुरी स्क्रीन पर इस साल की सबसे बड़ी हिट ग्राफिकल फिल्म नागराज देने वाले अभिनेता यश कुमार की बहुप्रतिक्षित फ़िल्म ‘बिटिया,छठी माई के’ का सेकेंड लुक आज जारी किया गया. इसमें पिता-पुत्री के बीच के स्नेह को देखा जा सकता है.
भोजपुरी स्क्रीन पर इस साल की सबसे बड़ी हिट ग्राफिकल फिल्म नागराज देने वाले अभिनेता यश कुमार एक बार फिर से बॉक्स ऑफिस पर छाने को तैयार हैं