संगीतमय प्रवचन कर श्रद्धालुओं को बताया मुक्ति का मार्ग प्रवचनकर्ता ने

आज सभी अपनी आवश्यकताओं को लेकर भटक रहे हैं, समाज दूसरे के बारे में नहीं सोच रहा है.स्थिति यह है कि लोग दूसरे के सुख से खुद दुखी हो जा रहे हैं.

लोक कल्याण की कामना करने वाला ही होता है संत : शशिकांत

सात्विक बुद्धि का मतलब यह है कि समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी. ये चार मंत्र हैं जो देवी-देवताओं के प्रतिनिधित्त्व करते हैं.

सिर पर कलश उठाने से ही सभी मनोकामना पूर्ण : आचार्य शशिकांत

आचार्य ने कहा कि कलशयात्रा अपने आप में यज्ञ है. उन्होंने कहा कि मनुष्य के किसी पुण्य का उदय होता है तो कलशयात्रा या यज्ञ में भाग लेने का अवसर मिलता है.

संस्कार के अभाव से ही समाज में फैलती हैं कुरीतियां : आचार्य शास्त्री

आचार्य शास्त्री ने कहा कि अच्छे संस्कार कथा से ही लोगों को प्राप्त हो सकते हैं. इसलिए कथा सुनने के लिए माता पिता अपने बच्चों को भी अवश्य साथ लेकर जाएं.

कृष्ण और सुदामा की मित्रता की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रोता

यह कौन महान पुरुष है जिनके चरणों में तीनों लोक का स्वामी बैठा हुआ है. ऐसे महान सुदामा को दरिद्र का उपमा देकर लोग उनका अपमान करते हैं.

वामन जन्मोत्सव का वर्णन सुन भक्ति में झूमे श्रद्धालु

ब्यासी गांव स्थित अखार के दत्तुमठ में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन वामन भगवान के जन्म महोत्सव की कथा प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गौरव कृष्ण शास्त्री ने सुनायी.

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाल संस्कार केंद्र में तुलसी पूजन किया बच्चों ने

भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के परिवारों ने धूमधाम से तुलसी पूजन किया. लोगों ने तुलसी के पौधे को सजाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर परिक्रमा की.

बलिया में पहली बार राष्ट्रीय नाट्य समारोह संकल्प रंगोत्सव 27 से….

बलिया में पहली बार राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन होने जा रहा है. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रंगकर्मियों का महासंगम इन 3 दिनों में होगा और 6 नाटकों का भव्य मंचन भी.

कलश यात्रा के साथ अद्वैत शिवशक्ति यज्ञ का शुभारंभ

स्थानीय अद्वैत शिवशक्ति सत्संगाश्रम के प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय अद्वैत शिवशक्ति यज्ञ का शुभारंभ मंगलवार को जल कलश यात्रा निकलने के साथ हुआ.

श्रीराम बारात का श्रीनाथ मठ पर जोरदार स्वागत

श्रीनाथ मठ पर रामजानकी विवाह बारात यात्रा जोरदार स्वागत किया. प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन का आरती कर पूजन अर्चन किया गया.

जिउतिया कल, बलिया के बाजारों में चहल-पहल

पितृपक्ष के दौरान अष्टमी तिथि को जीवित पुत्रिका व्रत किया जाता है, जो 22 सितंबर को है. संतान के दीर्घायु के जिउतिया सप्तमी को नहाय-खाय से शुरू होता है.

आध्यात्मिकता के संदेशों को समाज तक पहुंचाए मीडिया

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ,माउंट आबू में तीन दिवसीय मीडिया कॉन्फेंस शुरू हुआ.दीदी मुन्नी ने कहा कि सबको सम्मान और स्वमान मुख्य धारणा है.

पितृपक्ष 2019 : अपनाएं तर्पण की ये पूजन विधि, मिलेगी पितृऋण से मुक्ति

अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्न दान करते हैं. पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का ये सबसे बड़ा पर्व माना जाता है.

Trailer Launch : कीर्ति आजाद की फिल्‍म ‘किरकेट – बिहार के अपमान से सम्‍मान तक’ का ट्रेलर जारी

इस फिल्‍म में मूल रूप से बिहार क्रिकेट संघ के बंटवारे और उसी रणजी टीम की मान्‍यता रद्द करने की कहानी को दिखाया गया है. इसके जरिये देश के क्रिकेट जगत में होने वाली राजनीति को भी दिखाया गया है.

खेसारी ने स्‍ट्रगल के साथी विकास को सौंपी बेस्‍ट एक्‍टर की अपनी ट्रॉफी

जब खेसारीलाल यादव महज एक लोकगायक थे, तब विकास ने उन्‍हें मुंबई बुलाया था. दरअसल, तब विकास की शादी में खेसारीलाल यादव परफॉर्म करने आये थे.

ललई छठः हजारों दंपतियों ने लगाई लोलार्क और क्रीं कुंड में आस्था की डुबकी

भदैनी के लोलार्क कुंड एवं रवीन्द्रपुरी स्थित क्रीं कुंड में हजारों दंपतियों ने आस्था की डुबकी लगाई

जीवित्पुत्रिका व्रतः तीज बीतते शुरू हो गईल जीउतिया के तेयारी

जीवित्पुत्रिका या जितिया पर्व बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाए जाने वाले पर्वों में से एक है. जिसे अपनी संतान की मंगलकामना के लिए मनाया जाता है.

Hartalika Teej fast

Hartalika Teej 2019 : कब रखें हरतालिका तीज व्रत, क्या हैं नियम

यह त्‍योहार मुख्‍य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश में मनाया जाता है. कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस व्रत को “गौरी हब्‍बा” के नाम से जाना जाता है.

भोजपुरिया फिल्मी सितारों की म‍हफिल 4 सितंबर को मुंबई में सजेगी

यहाँ कभी चर्चा के द्वारा आपको भिखारी ठाकुर जीवंत लगेंगे तो कभी पहली भोजपुरी फ़िल्म ‘गंगा मइया तोहके पियरी चढ़ाइबो’ की सुगंध अनुभव होगा. कभी छठ, कहँरवा, जँतसार सुनाई देगा तो कभी कबीर-रैदास भी सुनाई देंगे.