कोटेदारों ने बैरिया तहसील में किया प्रदर्शन, कहा अधिकारियों के आदेशों से भुखमरी के कगार पर पहुंचे

बैरिया. बैरिया तहसील क्षेत्र के कोटेदारों ने तहसील परिसर में शुक्रवार को प्रदर्शन किया.पूर्व के रेगुलर दो माह का धन जमा करने और वह धन वापिस न मिलने एवं प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजना का तीन माह का कमीशन जो प्रति कुंतल 70 रुपया भुगतान होता है वह नही मिलने से कोटेदार अपने आप को भुखमरी का शिकार बता रहे थे.कोटेदारों ने अपने आप को अधिकारियों के आदेशों में फंसा हुआ बताया.

 

कोटेदार संघ के तहसील अध्यक्ष रामजी तिवारी ने कहा कि कोरोना काल से लेकर अब तक हम लोगों ने कार्डधारकों को लगातार राशन उपलब्ध कराया है.इसके अलावा आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालय आदि को भी राशन समय से उपलब्ध कराया.

रामजी तिवारी ने कहा कि सरकार द्वारा निशुल्क वितरित कराए जा रहे रेगुलर खाद्यान्न के लिए हम लोगों को पूरा पैसा प्रत्येक माह के 15 से 20 तारीख तक जमा कर देना होता है. हमें यह बताया गया कि यह धन वापस हो जाएगा, पिछले दो माह हम लोग लगातार पैसा जमा किये लेकिन वह पैसा हमें वापस नहीं मिला है. हम भुखमरी के शिकार हो गए है. जुलाई माह में इसी मजबूरी के चलते हम कोटेदारों ने पैसा नहीं जमा किया है.

 

वहीं कोटेदार दुर्गेश्वर तिवारी ने कहा कि रेगुलर के दो माह तथा अतिरिक्त निशुल्क खाद्य वितरित किये गए खाद्यान्न का तीन माह का जो देय बनता है उसका भी भुगतान हम लोगों को नहीं हुआ है. वही कुछ कोटेदारों ने कहा सरकारी अधिकारी अपनी कमी छिपाने के लिए जुलाई माह में जब हम लोगों ने रेगुलर खाद्यान्न का पैसा जमा करने में अपनी असमर्थता जता दी तो रेगुलर खाद्यान्न वितरण को रोककर अतिरिक्त निशुल्क खाद्यान्न वितरण का आदेश जारी कर दिया है.

मौके पर कोटेदार संघ के मुरलीछपरा ब्लाक अध्यक्ष शिवमंगल सिंह,बिगन सिंह,ध्वजाधारी सिंह,पवन सिंह,रोहित कुमार आदि उपस्थित रहे.

इस मामले में जिलापूर्ति अधिकारी कृष्णगोपाल पांडेय ने बताया कि शासन के फूड कमिश्नर, मार्केटिंग के संभागीय वित्त एवं लेखा अधिकारी आजमगढ़ के यहां कोटेदारों का पैसा भेजेंगे और आजमगढ़ से कोटेदारों के खाते में पैसा भेजा जाएगा, फिलहाल फूड कमिश्नर ने पैसा नहीं भेजा है। हमने डिमांड लेटर भेज दिया है, तब तक अतिरिक्त खाद्यान्न वितरण होगा, 15 अगस्त से पूर्व कोटेदारों के खाते में पैसा आ जायेगा इसके बाद रेगुलर वाला खाद्यान्न भी वितरण कराया जाएगा.

(बैरिया से वीरेंद्र मिश्र की रिपोर्ट)

 

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