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योगी सरकार में ठगा महसूस कर रहे शिक्षा प्रेरक और शिक्षामित्र

एक तरफ डबल इंजन की सरकार ने सबसे अच्छा कार्य करने का दावा कर रही है. सारी समस्या समाप्त होगी. देश व प्रदेश आगे बढ़ेगा और आगे बढ़ रहा है, के बीच लोक शिक्षा प्रेरक, वर्षों से प्राथमिक विद्यालय का ताला खोलने वाले शिक्षा मित्र अपने को ठगा महसूस कर रहे है. सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू करते समय लोक शिक्षा प्रेरको को सब्जबाग दिया था कि प्रेरक नई उर्जा के साथ कार्य करेगें. लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

शिक्षा प्रेरकों के मानदेय भुगतान एकमुुश्त कराने की मांग

बलिया। साक्षर भारत योजना के तहत जनपद के शिक्षा क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षा प्रेरकों का 24 माह का मानदेय बकाया है. इसको लेकर प्रेरक संगठन प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र …

शिक्षा प्रेरकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखूंगी : ऊषा राय

प्रेरकों की हितों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी. इसके लिए मैं अपने सभी प्रेरक भाई-बहनों को आज ही आश्वस्त कर रही हूँ. उक्त उद्गार प्रेरक संघ के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष उषा राय के है.

बकाया मानदेय भुगतान न होने पर चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार

नवानगर ब्लॉक के लोक शिक्षा प्रेरकों की एक बैठक बीआरसी के प्रांगण में हुई. इसमें प्रेरकों की समस्याओं के बारे में चर्चा कर उनके समाधान एवं बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई. चेतावनी दी गई कि मानदेय का भुगतान नहीं होने पर चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा

शिक्षा प्रेरकों पर लखनऊ में लाठीचार्ज की सर्वत्र निंदा

बकाया मानदेय मांग रहे शिक्षा प्रेरकों पर लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की सर्वत्र निंदा की जा रही है. लाठीचार्ज में बलिया से गए आधा दर्जन प्रेरक घायल हुए हैं, जिसमें प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह व सीयर विकासखंड के इब्राहिमपट्टी लोक शिक्षा केंद्र की प्रेरक अनीता देवी की हालत गंभीर है.

बलिया के प्रेरक 16 को लखनऊ के लिए करेंगे प्रस्थान

जनपद में कार्यरत प्रेरकों की बैठक प्रेरक कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि लखनऊ के लक्ष्मण मेला पार्क में 22 सितंबर से चल रहे धरना के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

बकाया मानदेय के लिए प्रेरकों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

अपने दो वर्ष के बकाया मानदेय भुगतान को लेकर लोक शिक्षा केंद्रों पर कार्यरत प्रेरक परेशान हैं. जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक धरना प्रदर्शन के बावजूद समाजवादी सरकार ने इनकी एक नहीं सुनी. चालू वित्तीय वर्ष में प्रेरकों के मानदेय का भुगतान बिल्कुल नहीं हुआ है. साथ ही ब्लॉक समन्वयकों का मानदेय प्रेरकों से भी दुगुने माह का बकाया है.

लोक शिक्षा केंद्रों पर हुई साक्षरता परीक्षा

बलिया के 17 विकास खंडों के 833 ग्राम पंचायतों में खंड शिक्षा अधिकारी एवं साक्षर भारत योजना के ब्लाक समन्वयक के देखरेख में साक्षरता परीक्षा संपन्न कराई गई. लोक शिक्षा केंद्रों को परीक्षा केंद्र बदलकर परीक्षा कराई गई.

शिक्षा प्रेरकों ने कैबिनेट मंत्री से लगाई गुहार

जनपद में कार्यरत शिक्षा प्रेरकों का एक प्रतिनिधिमंडल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने बकाया 27 माह के मानदेय के भुगतान के लिए गुहार लगाई. उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर अपनी समस्याओं के प्रति ध्यान आकृष्ट किया.

साक्षरता परीक्षा का बहिष्कार कर सकते हैं शिक्षा प्रेरक

साक्षर भारत योजना के तहत कार्यरत शिक्षा प्रेरकों ने अपने दो वर्ष के बकाया मानदेय को लेकर संघर्ष की रणनीति तैयार की है. सोमवार को हुई बैठक में सरकारी विभागों चेतावनी दी गई है कि यदि साक्षरता पर विकास परीक्षा से पहले उनके समस्त मानदेय का भुगतान नहीं कर दिया जाता है तो वह 21 अगस्त को होने वाली साक्षरता परीक्षा एवं मूल्यांकन का बहिष्कार कर सकते हैं.

बीएसए ने सुनीं शिक्षकों की समस्याएं

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने ब्लॉक संसाधन केंद्र दुबहड़ तथा ब्लॉक संसाधन केंद्र बेलहरी पहुंच शिक्षकों की समस्याएं सुनी तथा उसका समाधान मौके पर ही कर दिया. उन्होंने कहा कि समस्याएं हैं तो उनका समाधान भी है. बस मैं यही चाहता हूं की शिक्षक निर्धारित समय पर अध्यापन कार्य नियमित रुप से करता रहे. ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके.

क्यूएमसी के गठन से बेसिक शिक्षा में आई क्रांति

कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह बेसिक शिक्षा के गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने की दिशा में अभिनव प्रयोग करते रहे हैं, उन्होंने समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक ओपी सिंह के अध्यक्षता में सात सदस्यों का एक क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल का गठन किया. इसमें विद्यासागर गुप्त, अब्दुल ओवन, बलवंत सिंह, संजय कुमार, बब्बन यादव, बृज किशोर पाठक एवं शंभूनाथ राम शामिल हैं.

शिक्षा प्रेरकों के लिए सरकार के पास धन नहीं

देश की साक्षरता दर में वृद्धि के उद्देश्य से साक्षर भारत योजना का शुभारंभ 8 सितंबर 2009 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था. योजना देश के सभी प्रांतों में लागू की गई योजना का अच्छा परिणाम भी देखने को भी मिला और देश की साक्षरता दर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई. महिलाओं की साक्षरता दर में काफी सुधार हुआ.