ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ जनपद बलिया के तत्वावधान में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद मंगल पांडे की जयंती संगठन के जिला कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई.
ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ जनपद बलिया के तत्वावधान में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद मंगल पांडे की जयंती संगठन के जिला कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई.
राम को न देखकर राजा दशरथ हाय-राम, हाय-राम कहते हुए अपना प्राण त्याग देते हैं. इसके उपरांत गुरु वशिष्ट के निर्देशानुसार भरत, शत्रुघ्न ननिहाल से बुलाए जाते हैं.
रावण के पहुंचते ही आकाशवाणी हुई, अरे लंकेश तुम्हारे कुंभिनिसी कन्या का दानव अपहरण कर लिया है. यह सुन रावण वहां से चला गया.
आदर्श रामलीला कमेटी के रंग मंच पर पहली नवंबर से रामलीला कराने का निर्णय लिया गया.
उरी में शहीद आरके यादव की मां बोली आर्थिक तंगी से गुजर रहा मेरा परिवार
पैत्रृक गांव दुबहर में रिटायर्ड सैनिकों एवं स्थानीय नागरिकों ने शहीद को शहादत दिवस पर दी श्रद्धांजलि
दुबहर, बलिया. अपने जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करने में बलिया का बहुत बड़ा योगदान है.
बलिया लाइव साक्षात्कार – आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता है मंगल पांडे के गांव का मेधावी दीपक
मेधावी दीपक से सवाल और उसके जवाब.
नगर पंचायत रेवती के नामित सदस्य भोला ओझा ने कहा कि 30 जनवरी 1831 को नगवा, बलिया में जन्मे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद मंगल पांडेय ने अपने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए 8 अप्रैल 1857 को हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर अपने प्राणों की आहुति दे दी. राष्ट्रभक्ति धारा बहाने और सोए भारत को जगाने वाले मंगल पांडे ने अंग्रेजी साम्राज्य के विरुद्ध आवाज उठाई.