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घटना स्थानीय थाना क्षेत्र के करमानपुर में रुबी गुप्ता पत्नी राजेश गुप्ता के घर का है. मंगलवार के दिन लगभग 11 बजे एक भिखारी के रूप में भिक्षा मांगने भिखारी आया. दरवाजे पर बोलने के बाद घर से रूबी गुप्ता ने भिक्षा देने के लिए बाहर निकली भिखारी को भिक्षा देकर जैसे ही अंदर जाकर दरवाजा सटाकर रुबी गुप्ता अपने रसोई घर में पहुंचकर खाना बनाने लगी
रविवार को देर शाम जहां जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी के साथ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने यज्ञ स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था के बारे में जानकारी ली वहीं पर सोमवार को दोपहर में नगर क्षेत्राधिकारी प्रीति त्रिपाठी ने यज्ञ स्थल, प्रवचन पंडाल, भोजन व्यवस्था, भोजनालय, जलपान गृह के साथ बाहर से आने वाले लोगों के निवास स्थल एवं पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया.
डॉ विनय वर्मा ने कहा कि
फार्मासिस्ट दिवस समाज के स्वास्थ्य सेवा वितरण में फार्मासिस्ट के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करने और पुरस्कृत करने के लिए दुनिया भर में मनाया जाता है. हर साल फार्मासिस्ट के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए एक नई थीम फार्मासिस्ट यूनाइटेड इन एक्शन फॉर द वर्ड है जो बहुत उपयुक्त हैं जो दर्शाता है.
वोकल फार लोकल की अवधारणा पर जनपद में ओ०डी०ओ०पी० उत्पाद एवं हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादो की प्रदर्शनी का आयोजन जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बलिया द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर के प्रांगण में दिनांक 23सितंबर से 25 सितंबर तक किया जा रहा है। कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 23 सितंबर को प्रदर्शनी का उद्घाटन जनपद के मा० सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त जी द्वारा किया गया.
पदाधिकारियों ने बताया कि आरोपित मंत्री से सदस्यों का नाम व समिति का जायजा लेने पर वह भड़कते थे तथा कागजात दिखाने से इनकार कर देते थे. फर्जीवाड़ा की जानकारी तब हुई जब समिति के प्रबंधक रामप्रसाद, उपाध्यक्ष बलिराम प्रजापति ,महावीर, जितेंद्र व मनोज आजमगढ़ मंडल चिटफंड कार्यालय में जाकर द्वितीय पत्रवाली निकलवाए तो पता चला कि सभी सदस्यों का हस्ताक्षर फर्जी है.
पत्रक में बलिया जनपद के सूखाग्रस्त एवं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां की समस्याओं के समाधान हेतु मांग की गई है. इसमें कहा गया है कि बलिया जनपद की भौगोलिक स्थिति ऐसी है की तीन तरफ से नदियों से घिरा हुआ है. नदियों के बाढ़ को रोकने वाले बंधे इतने पुराने और जर्जर हो चुके हैं कि इस जनपद के लोग प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका को झेलने को मजबूर हैं.
बाढ़ पीड़ितों ने सांसद से का ध्यान अपेक्षित करते हुये कहा कि नेताजी गांव से बाढ़ का पानी तो निकल गया है लेकिन गांव के इर्द गिर्द हुये जलजमाव के कारण सड़न होने से दुर्गंध व अन्य बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है. स्वास्थ्य विभाग इससे बचाव निजात पाने के लिये गांव में कहीं पर भी छिड़काव नहीं किया गया. ग्रामीणों में विषैले जीव जंतुओं का डर बना हुआ है.
पर्यावरण संरक्षण विभाग के जिला संयोजक ओंकार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्देश पर प्रत्येक वर्ष वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है. हमें संकल्प लेने की जरूरत है कि हम सभी अपने जमीन पर वृक्ष लगाएं, उसकी आंखों रक्षा करें अपने घर से निकलने वाले गन्दे पानी को अपने ही जमीन में निस्तारित करें ताकि गन्दा पानी नालियों से होकर नदी में न जाये व नदी प्रदूषित न हो.
