उद्देश्य गांवों को खुले में शौचमुक्त करने के साथ ही स्वच्छ सुंदर बनाना है ताकि गांव मॉडल के रूप में नजर आए.
उद्देश्य गांवों को खुले में शौचमुक्त करने के साथ ही स्वच्छ सुंदर बनाना है ताकि गांव मॉडल के रूप में नजर आए.
खुले में शौच और प्लास्टिक कचरे से छुटकारे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समिति के सदस्यों को सही वस्तुस्थिति जाननी होगी. गंदगी और कूड़े-कचरे फेंकने के लिए विशेष स्थान तय करना होगा, जिससे प्रदूषण और बीमारी न फैले.
वाहन जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में जाकर खुले में शौच नहीं करने को जागरूक करेंगे
कहा तो जा रहा है कि धन की कमी आड़े नही आएगी, लेकिन यही आ रही आड़े
गांव को ओडीएफ व साफ सुथरा बनाने में प्रधान की होती है बड़ी भूमिका
दुनिया की कोई भी संस्कृति बिना स्वच्छता के आगे बढ़ ही नहीं सकती
बलिया जनपद को खुले में शौच मुक्त करने के लिए मास्टर ट्रेनरों को समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को होटल चंद्रावली में हुआ
स्वच्छता अभियान को और बेहतर ढंग से सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने एक और अच्छी पहल की है. जिसके अनुसार अब गांवों में तैनात सचिव, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी आदि शौचालय के लिए पात्र लोगों को शौचालय बनवाने व उसके प्रयोग करने को प्रेरित करेंगे.
सिकंदरपुर नवानगर के डवकरा हाल में ब्लॉक स्वच्छता समिति की बैठक बृहस्पतिवार को खंड विकास अधिकारी चंद्र मोहन कनौजिया की अध्यक्षता में हुई.
जनपद को 31 दिसम्बर 2017 तक खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) गांव बनाने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने बैठक की.
स्वच्छ भारत अभियान एवं नमामि गंगे योजना के तहत गांव में बन रहे शौचालय एवं साफ-सफाई का जायजा लेने के लिए रविवार की सुबह अचानक बलिया के मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार पहुंचे.
पेयजल एवं स्वच्छता समिति भारत सरकार के सचिव व मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने में तेजी लाने का निर्देश दिया है.
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गंगा किनारे 41 गांवों को ओडीएफ बनाने का अभियान तेज हो गया है. जिलाधिकारी ने पंचायत विभाग को निर्देश दिया कि 31 मार्च से पहले इन गांवों में शौचालयों के लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति हो जानी चाहिए.
अमर शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा को शौच मुक्त ग्राम घोषित करने की दिशा में बृहस्पतिवार को ओडीएफ कमेटी की बैठक में जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. नमामि गंगे योजना के तहत अब तक 80 फ़ीसदी व्यक्तिगत शौचालय बनाए जा चुके हैं.
गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए मंगलवार को सीडीओ संतोष कुमार भी मैदान में उतर पड़े हैं. हनुमानगंज ब्लाक के गोठहुली गांव में सुबह 05 बजे ही सीडीओ व डीपीआरओ पहुंच गये. लोगों से मिले और खुले में शौच नहीं करने के साथ बने शौचालयों के लिए लोगों को प्रेरित करते रहे.
शिक्षा क्षेत्र दुबहर के ग्राम पंचायत उदयपुरा को शौच मुक्त ग्राम ओडीएफ बनाने के लिए समिति की बैठक प्राथमिक विद्यालय उदयपुरा में शुक्रवार को ग्राम प्रधान शमीम अंसारी की अध्यक्षता में हुई.