इस मौके पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने महाविद्यालय के छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रभारी राजेश्वर डॉ धनंजय सिंह डॉ रजनी कांत तिवारी डॉ शिवेंद्र नाथ दुबे डॉ रोहित कुमार डॉ दीपक कुमार झा मनीष पाठक के अलावा विद्यालय के समस्त कर्मचारी मौजूद रहे. संचालन डॉ विवेक कुमार सिंह ने किया.
बेल्थरारोड बस डिपो में अधिकृत दुकानदार हर महीने राज्य सड़क परिवहन निगम बस डिपो अधिकृत छः दुकान से हर माह 30000 रुपये किराया वहन करती है जिसके बावजूद भी दोनों गेट पर अनाधिकृत दुकान खुली रहती है. जिससे अधिकृत दुकानदार भी परेशान होते हैं, तो वहीं परिवहन निगम के आला अधिकारी अपनी जेब भरने के लिए धन उगाही का काम जारी रखते हैं जिसको लेकर समक्ष की स्टाल संचालक द्वारा एक विज्ञापन जिलाधिकारी को रजिस्ट्री द्वारा भेजा गया.
जिला सेवायोजन कार्यालय बलिया तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बलिया के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन आईटीआई बलिया में किया गया. जिसमें तीन कंपनियों ने प्रतिभाग किया. जिसमें क्वेशकॉर्पस लिमिटेड नोएडा में 41, सीडैक इंडिया लिमिटेड नोएडा में 25 तथा जियो लाइफ केयर गोरखपुर में 4 अभ्यर्थियों का चयन हुआ.
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक संजय यादव व विशिष्ट अतिथि डायट प्राचार्य विकायल भारती, वरिष्ठ प्रवक्ता मनीराम सिंह व हिमांचल यादव ( वित्त व लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा) रहे. पूर्व विधायक संजय यादव ने कहा कि शिक्षक व छात्र का पवित्र संबंध हमारी गौरवशाली परंपरा रही है. एक शिक्षक छात्र के गुणों को निखारकर राष्ट्र के लिए समर्पित करता है.
गाजीपुर जनपद से पधारे पंथी वीरेंद्र पाल ने गांव की खुशहाली के लिए पूजा को संपन्न कराया. इस दौरान पंथी जलते अंगारे पर आराम से चलते देखे गए. साथ ही उन्होंने न सिर्फ खुद खौलती खीर से नहाया बल्कि अन्य लोगों को भी नहलाया. सबसे रोचक बात यह रही कि इस दौरान खोलती खीर से तीन छोटे बच्चों की पीठ पर पंथी ने मालिश किया, लेकिन उन बच्चों का कुछ नुकसान नहीं हुआ. यह देख लोग आश्चर्यचकित थे.
इस मंदिर के विषय में बताया जाता है कि पूर्व मंत्री निर्भय नारायण सिंह के पूर्वजों ने इसका निर्माण कराया था और तब से इस मंदिर की देखरेख उनके परिवार के लोग ही करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन यहां उनके परिवार के लोगों द्वारा लोगों को शरबत पिलाया जाता है लोग इस तिथि को शुभ मुहूर्त समझ कर समहुत करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन किया गया समहुत अक्षय होता है यानी कि इसका नाश नहीं होता. ऐसा लोगों का मानना है. मंदिर परिसर में लोगों ने त्रिलोकीनाथ भगवान की कथा भी सुनी.
सुभाष मास्टर के घर से टीएस बन्धा को जाने वाला मात्र 60 मीटर लम्बा सम्पर्क मार्ग पर बरसात के दिनों में दो से तीन फीट पानी ऊपर आ जाता हैं. जिसे को पार करके ग्रामीण टीएस बन्धे की तरफ आते जाते हैं. उक्त मार्ग के निर्माण में जो बाधा उत्पन्न करते हैं. वे खुद ही खलिहान तथा जीएस की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाये हुए हैं.परन्तु उससे हम लोगों का कोई प्रवेश नहीं है. ग्रामवासियों के हित में सुभाष मास्टर के घर से टीएस बन्धे तक 60 मीटर लम्बा सम्पर्क मार्ग बनाया जाना अति आवश्यक है.
