Category: स्पेशल
सन् 2018 में आईआईटी कानपुर से बीटेक करने के बाद दिल्ली चले गए और वहीं जाकर उन्होंने सिविल की तैयारियां शुरू कर दी. पीयूष ने अपने करियर में यूपीएससी की परीक्षा चौथी बार दी थी,पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद असफल हो गए थे उसके बाद वह काफी निराश हो गए थे, परंतु हिम्मत नहीं हारे आखिर चौथी बार के प्रयास में उन्होंने यह परीक्षा क्रैक कर दी और ऑल इंडिया 428 रैंक प्राप्त की
पंचकूला (हरियाणा) में 3 से 13 जून तक आयोजित ‘खेलो इण्डिया यूथ गेम्स’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे. इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित रहेंगे. विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए ‘खेलो इण्डिया यूथ गेम्स’ का यह चौथा संस्करण है. इस आयोजन में विभिन्न खेलों में देश के 8000 से ज्यादा खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे.
पत्रकारिता दूध फूंककर पीने की नहीं बल्कि छाछ फूंक कर पीने की चीज हो गई है. आज इस विधा से जुड़े लोगों को पत्रकारिता दिवस पर आत्म चिंतन करने की जरूरत है कि पत्रकारिता बेबाक रहेगी या सत्ता की गुलाम बन कर रह जाएगी. अगर बेबाक रही तो समाज राष्ट्र निर्माण के काम आएगी अगर सत्ता की कठपुतली बनी तो देश और समाज में विघटन पैदा करने का काम करेगी.
इस मंदिर के विषय में बताया जाता है कि पूर्व मंत्री निर्भय नारायण सिंह के पूर्वजों ने इसका निर्माण कराया था और तब से इस मंदिर की देखरेख उनके परिवार के लोग ही करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन यहां उनके परिवार के लोगों द्वारा लोगों को शरबत पिलाया जाता है लोग इस तिथि को शुभ मुहूर्त समझ कर समहुत करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन किया गया समहुत अक्षय होता है यानी कि इसका नाश नहीं होता. ऐसा लोगों का मानना है. मंदिर परिसर में लोगों ने त्रिलोकीनाथ भगवान की कथा भी सुनी.
4 फ़रवरी 2014 से विश्वविद्यालय से सटे देवकली गांव में बच्चों के लिए निःशुल्क प्रेरणा कोचिंग निरंतर चल रही है. इस कोचिंग के माध्यम से अब तक 1435 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके है. वर्तमान समय में 1 से 12 तक की कक्षाओं के 135 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे है. विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों का एक समूह इन बच्चों को पढ़ाता है.
किसी भी दिवस को मनाने का प्रमुख उद्देश्य होता है कि उस दिवस के उद्देश्य और मकसद को आम लोगों तक पहुंचाना और उसकी खूबियों से लोगों को जागरूक करना. बौद्धिक संपदा दिवस भी बहुत महत्वपूर्ण दिवस है. इसका मुख्य मकसद अपने अंदर की बौद्धिक संपदा को अपना बनाने के लिए पेटेंट कराना ताकि कोई दूसरा उस पर हक न जता सके. बौद्धिक संपदा का मतलब एक अधिकार जो मस्तिष्क की सृजनात्मकता और एक निश्चित समयावधि तक इसके विशिष्ट दोहन के लिए है.
