जहां भाव है वहीं परमपिता भगवान का निवास : वैकुण्ठ स्वामी

ईश्वर के चरणों में सच्चा भाव पैदा करने के लिए सत्संग का सहारा लेना चाहिए. वैकुण्ठ स्वामी ने कहा कि बिना सत्संग के विवेक नहीं होता.

जीयर स्वामी जी की सुबह की आरती अखार के कथा यज्ञ स्थल पर

गांव के बहरवासू भी गांव में डेरा डाले हुए हैं. वे कहते हैं कि भगवान की कृपा से ऐसे संत का गांव में आगमन हो रहा है. इनके चरण से अखार की भूमि पवित्र हो जाएगी.

साधु-संतों का आगमन होने लगा है ज्ञानयज्ञ महोत्सव स्थल पर

ज्ञान यज्ञ महोत्सव समिति द्वारा महिला-पुरुषों को अलग बिठाने के प्रबंध किये गये हैं. पुरुष कथा स्थल की उत्तर दिशा से प्रवेश करेंगे जबकि महिलाएं दक्षिण से.

श्री जियर स्वामी जी का भागवत कथा ज्ञान यज्ञ अखार में 24 फरवरी को

आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीधर चौबे ने बताया कि ज्ञान यज्ञ को लेकर यज्ञ समिति की बैठक रोज हो रही है. यज्ञ की सारी व्यवस्था हो गई है.

इलाके के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भव्य भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद

पिछले कई दिनों से जारी श्रीमद् भागवत कथा सुनने आस-पास के इलाकों और गांवों के श्रद्धालु भी पहुंचे. कथावाचक दीपू भाई से पौराणिक कथायें सुन कर पुण्यलाभ किया.

शिव की बारात में कहरिया बने प्रदेश के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल

विभिन्न प्रकार के बैंड बाजे पर बाराती थिरक रहे थे. इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए सड़कों के किनारे हजारों की संख्या में लोग घंटों से इंतजार कर रहे थे.

महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर के बारातियों का वशीभूत हुआ नगर

अबीर-गुलाल में सने शिव की बाराती ‘ऊं नमः शिवाय’, ‘हर हर बम बम’ के जयकारे लगाते हुए रास्ते से गुजर रहे थे. भूत के वेश में बाराती आकर्षण का केंद्र थे.

शिव मंदिरों में आधी रात से लगने लगी थी श्रद्धालुओं की कतार

शिवभक्त मंदिर के गर्भगृह में देर न करें, इसके लिए प्रबंध समिति की तरफ से स्वयंसेवक तैनात थे. प्रार्थना, आरती तथा दीपदान के लिए मंदिर के बाहर व्यवस्था थी.

मंत्रोच्चार के साथ अभिनव व्रतादि पंजिका के छठे अंक का विमोचन

श्रीप्रकाश जी ने पंजिका के संपादक को इसके लिए प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति को जानना चाहिए जिसके लिए यह पुस्तक सार्थक है.

बाबा भुटेश्वरनाथ मंदिर से धूमधाम से निकली भगवान शिव की बारात

एक रथ पर सवार सभी देवगण की झांकियां आकर्षण का केंद्र थी.

सबसे बड़ा आकर्षण बैलगाड़ी पर तो बाबा के बाराती में भूत, प्रेत, पिशाच आदि बाराती रहे.

ब्यासी के बाबा हरिहरनाथ मंदिर में श्रद्धा से मनाया महाशिवरात्रि पर्व

मंदिर में कीर्तन गायक संतोष शर्मा एवं बलवंत सिंह के नेतृत्व में कलाकारों ने विभिन्न धुनों पर कीर्तन कर लोगों को खूब आनंदित किया.में

कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा शुरू

श्री धाम वृंदावन से आये भगवताचार्य राम कुमार शास्त्री जी की अगुवाई में नर नारी देवी देवताओं का जयकारा लगाते हुए पतित पावनी गंगा तट सती घाट बहुआरा पहुंचे.

जलाभिषेक के लिए शिव के मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की कतार

जलाभिषेक करने आये श्रद्धालुओं ने सैदनाथ मंदिर सैदपुरा पर लगे मेले का भी जमकर आनंद उठाया. वहां लोगो ने जमकर खरीदारी भी की.

बाबा गरीबानाथ शिव मंदिर जहां सबकी मनोकामनायें होती हैं पूरी

घर लौटते समय दोनों भाई छाता रेलवे लाइन के किनारे बिछे पत्थर के टुकड़ों में से पांच चिकने पत्थर की पिंडी घर लाए. एक बेल वृक्ष के नीचे रख गंगाजल चढ़ाने लगे.

भगवान चतुर्भुज पोखरे के पानी ने राजा सुरथ हुए थे कुष्ट से मुक्त

नौकर के पानी लाकर देने के बाद राजा ने पानी को जैसे ही अपने अंग पर स्पर्श किया तो उनका कुष्ठ रोग ठीक हो गया. इस बात से राजा को बहुत आश्चर्य हुआ.

शिव मंदिरों सजावट और बारात को तैयार करने में जुटे हैं भक्त

इस बार नगर से निकलने वाली बारात पांच रथों में एक पर भगवान भोलेनाथ दूल्हा बनेंगे, एक रथ पर ब्रह्मा, एक पर विष्णु, एक पर महर्षि नारद तथा एक पर बाराती रहेंगे.

मर्यादा का उल्लंघन करने वाले का जीवन होता है नष्ट : दीपू भाई

कथावाचक दीपू भाई ने मर्यादा के संबंध में रामचंद्रजी की जीवन चरित्र को बताया. उन्होंने कहा कि मर्यादा की बदौलत रामचंद्र जी को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया.

मृत्यु के बाद परमात्मा को अपने कर्मों का हिसाब देता है प्राणी

वह जंगल में शिकार पर गए तो श्रृंगी ऋषि के तपस्या कर रहे पिता की गर्दन में सर्प लपेट दिया. इसके बाद घर चले आए. श्रृंगी ऋषि ने यह सब देखा तो श्राप दे दिया.

प्रज्ञा पाक्षिक के प्रधान संपादक का गायत्री परिवार में हार्दिक स्वागत

पं. उपाध्याय ने शक्तिपीठ पर सर्वप्रथम मां गायत्री का दर्शन कर आशीर्वाद लिया. उसके बाद शक्तिपीठ के प्रांगण के चारों तरफ घूम दिव्य क्षेत्रों का अवलोकन किया.

आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय बना शुभनथहीं का वातावरण

इस हवनात्मक रुद्र महायज्ञ में तिल से 219978 आहुतियां दी जाएंगी. यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालु महिला-पुरुष उमड़ रहे हैं.