आज 2 मई है, शारदानंद अँचल में आस्था रखने वाले लोगों के लिये यह तारीख अति महत्वपूर्ण है. पूर्वांचल के समाजवादियों के लिए यह दिन 12 अक्टूबर से कम मायने नहीं रखता, जहां एक तरफ देश ने 12 अक्टूबर को लोहिया को खोया था वहीं 2 मई को बलिया ने अपना होनहार बेटा खोया था.
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गरीबों, मज़लूमों और पिछडो की आवाज थे पूर्व मंत्री शारदानन्द अंचल. उन्होंने सड़क से लेकर सदन तक इनकी लड़ाई लड़ी. वह संघर्षों के प्रतीक थे.
प्रदेश के पूर्वमंत्री स्व. शारदानन्द अंचल की 70वीं जयंती कस्बा स्थित सपा कर्यालय पर मनायी गयी. सपा कार्यकर्ताओं ने स्व. शारदानन्द अंचल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया.
प्रदेश के पशुधन विकास मन्त्री मु. जियाऊद्दीन रिजवी ने कहा कि स्व. शारदानन्द अंचल का जीवन संघर्षों के दस्तावेज थे. वे समाजवादी विचारधारा के राहगीर थे. उन्होंने अपने जीवन मे कभी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया.
समाजवादी पुरोधा स्व. शारदानन्द अंचल की उभांव थाना तिराहे पर आदमकद प्रतिमा का अनावरण काबीना मंत्री मोहम्मद रिजवी के कर कमलों द्वारा 24 दिसम्बर दिन शनिवार को किया जायेगा.
समाजवादी पार्टी के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की एक बैठक सोमवार को डाकबंगला रोड स्थित जिला पंचायत के डाक बंगाल में विधानसभा इकाई अध्यक्ष समशाद बासपारी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में वक्ताओं ने विधायक गोरख पासवान पर कार्यकर्ताओ की उपेक्षा करने का आरोप लगाया.

