विभिन्न प्रकार के बैंड बाजे पर बाराती थिरक रहे थे. इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए सड़कों के किनारे हजारों की संख्या में लोग घंटों से इंतजार कर रहे थे.
शिवभक्त मंदिर के गर्भगृह में देर न करें, इसके लिए प्रबंध समिति की तरफ से स्वयंसेवक तैनात थे. प्रार्थना, आरती तथा दीपदान के लिए मंदिर के बाहर व्यवस्था थी.
पीयूष और साधना देवी पति- पत्नी है. इनकी दो साल की एक पुत्री आयशा है. किसी बात को लेकर दोनों में आपसी मनमुटाव शुरू हुआ जो न्यायालय की सीढ़ियों तक पहुंच गया.
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से महेन्द्र श्रीवास्तव ने अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने, दूध व दूध-निर्मित पदार्थों के नमूने लेने का एजेंडा पेश किया.
रिचा वर्मा ने अधीक्षिका केशरी देवी को इसे तत्काल ठीक करवाने का निर्देश दिया. इसके बाद निकेतन में रह रही बालिकाओं से मिली और उनकी समस्याओं के बारे में पूछी.
समस्याओं को लेकर व्यक्ति उलझन में होता कि शिकायत कहां और किससे करे. अपनी शिकायत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में एक सादे कागज पर लिख दे सकते हैं.
डीएम ने चौरा कथरिया, सोहाव और डुमरिया में यूरिया तत्काल आपूर्ति कराने कहा. योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों की सूची अगली बैठक में मुहैया कराने के निर्देश दिये.
कुत्ता से टकराकर फेफना थाना क्षेत्र के कनैला गांव के पास बाइक सवार 24 वर्षीय भीम बिंद पुत्र विनोद बिंद घायल हो गया. घायल का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा था.
उन्होंने सम्बधित अधिकारी से कहा कि परीक्षा केंद्रों से आने वाले परीक्षा कापी के बंडल हर हाल में सील होने चाहिए. परीक्षा-कापी की अदल बदल नहीं होनी चाहिए.
ग्राम प्रधान स्मृति सिंह ने कहा कि इन दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा देख मैं विकलांग जैसा महसूस कर रही हूं. इनकी प्रतिभा को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया है.
शिविर में किस कैदी ने हाई स्कूल या इंटरमीडिएट परीक्षा का फार्म भरा है, इसकी जानकारी ली गयी. उन्होंने जेल अधीक्षक को संबंधित सुविधा देने का निर्देश दिया.
वर्मा ने बताया कि इस केंद्र में वही जज होते हैं जो मामलों को सुनते हैं. ऐसे मामलों को बातचीत कर सुलह समझौते से सुलझाया जाता है. इससे परिवार नहीं टूटता है.
पं. उपाध्याय ने शक्तिपीठ पर सर्वप्रथम मां गायत्री का दर्शन कर आशीर्वाद लिया. उसके बाद शक्तिपीठ के प्रांगण के चारों तरफ घूम दिव्य क्षेत्रों का अवलोकन किया.
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के एक आदेश से समाजवाद के पुरोधा की स्मृतियों को फिकवा दिया गया. उन्हें अपमानजनक तरीके से तोड़ना माफी के लायक नहीं है.
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