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वैसे तो आज कल हर कोई आगे की कुर्सी पर बैठना और लाल फीता काटने का मौका छोड़ना नहीं चाहता पर इस सब को दरकिनार करते हुए सिद्धार्थ राय ने महुआबाग चौराहे पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से लगे नए रेडीमेड शौचालय का उद्घाटन खुद न कर के चौराहे पर वर्षों से पान की दुकान चलाने वाले ज्ञानू चौरसिया से करवाया.
लगभग 80 वर्षों तक गाजीपुर की एक तहसील बने रहने के बाद बलिया को जनपद का दर्जा एक नवम्बर 1879 को मिल था. 1857-58 में बलिया सर्वाधिक हलचल ग्रस्त रहा. यहां की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए तथा विपरीत परिस्थितियों पर कड़ी नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय बनाने का फैसला किया गया, जिसके फलस्वरुप गाजीपुर तथा आजमगढ़ के कुछ अंश जोड़कर 1 नवंबर 1879 ई. को बलिया जनपद की स्थापना हुई.
सभी ताजिया को एक जगह कुद्दुश चौक पर देखने की हसरत इस बार किसी की भी पूरी नही हुई. उतरांव की ताजिया का पूरे साल भर लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. किसी तरह से ताजिया को उपजिलाधिकारी ने रवाना कराया, तभी कदम रसूल चौक में रखी जाने वाली सूबे की सबसे उंची ताजिया ले जाते समय रास्ते में अतिक्रमण का शिकार हो गई.
रुस्तम ए हिन्द, हिन्द केसरी मंगला राय के जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित आल इंडिया चैंपियनशिप टूर्नामेंट को भारतीय कुश्ती संघ ने आधिकारिक मान्यता दे दी है. जी हां, आपको बता दें कि स्व. मंगला राय के जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके पैतृक गांव जोगा मुसाहिब जनपद गाजीपुर में आल इंडिया चैंपियनशिप टूर्नामेंट का आयोजन 11 नवम्बर से 13 नवम्बर तक निर्धारित किया गया है.
सोमवार को लगभग ग्यारह हजार की संख्या में अखंड दीपक जलाये गए. देश के कोने कोने से लोग आकर मां का दर्शन पूजन करते है, वर्ष भर मां के धाम में शादी, मुंडन, कीर्तन एवं रामायण का आयोजन होता रहता है. मां के दर्शन मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है, रामनवमी के दिन मा के धाम पर विराट मेले का आयोजन किया जाता है
बिहार राज्य के नाजीरगंज, सारण से परवल की लत्ती लेकर इलाहाबाद जा रहा डीसीएम बुधवार की रात गाजीपुर में दुर्घनाग्रस्त गया था, इस हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गयी थी. मृतकों में एक मजदूर बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत उदईछपरा गांव निवासी विमला देवी पत्नी किशुन चौधरी थी, जिसका अंतिम संस्कार गाजीपुर में ही कर दिया गया
गाजीपुर जनपद में मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग पर करीमुद्दीनपुर थाने के समीप मां कष्टहरणी देवी का धाम आस्था, श्रद्धा व विश्वास से सराबोर अपनी पहचान बनाये हुए है. सदैव अपनें भक्तों के कष्टों को हरने वाली देवी मां का नाम ही है मां कष्टहरणी. जिन्हें दया की सागर, ममतामयी, करूणामयी आदि रूपों की देवी भी कहा जाता है.
तेज रफ्तार डीसीएम हाजीपुर गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ रही थी. गाजीपुर जनपद के कठवा मोड़ पुल से थोड़ा पहले लगे लोहे के बैरियर के ऊपर लगे लोहे के गाटर से ऊपर बैठे मजदूर टकरा गए. वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसके झटके से मजदूर ताश के पत्ते की तरह दूर-दूर तक छिटक कर जा गिरे. इस हादसे में चार मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
