खण्ड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित अध्यापकों की मांग पर बीआरसी परिसर में कम से कम 200 लोगों की बैठने के लिए एक बड़ा हाल एवं जर्जर बीआरसी हाल की मरम्मत करवाने के लिए ब्लाक प्रमुख सिंह ने भरोसा दिया.
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के तहत पुलिस अधीक्षक एस0 आनन्द के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा के एपीओ संजय गौतम के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप कोर्ट ने सजा सुनाई.
इसकी सूचना तुरन्त उभांव पुलिस को दी. सूचना मिलते उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव दलबल के साथ पहुँचकर दरवाजा तोड़कर युवक के शव को नीचे उतरवाया और शव को कब्जे में लेकर कागजी कारवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया
शास्त्रीय आधार व मंदिर पुजारी ब्रजेंद्र नाथ पांडेय के अनुसार इस मंदिर में देवी प्रतिमा की स्थापना मार्कण्डेय पुराण के अनुसार राजा सुरथ द्वारा की गई है जो चैत्र वंश में उत्पन्न हुए थे. उनका समस्त भूमंडल पर अधिकार था.
उधर आरोपी पक्ष के अनुसार जेई एवं उनके सहयोगी मेरे घर पर आकर बिजली कनेक्शन का वीडियो बनाने लगे.मना करने पर झूठा मुकदमा करा कर जेल भेजने की धमकी देने लगे.
परन्तु मध्यकाल में इसमें उत्तरोत्तर विकृतियां आने लगीं, फलस्वरूप लोग कन्या को भार मानने लगे तथा बालपन में ही उसका विवाह करवा कर अपने कर्तव्य से मुक्त होने लगे. इससे समाज में अनेक समस्याओं का जन्म हुआ.
ऐसे में उस समय तैनात रहे दोनों ब्रांचों के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. घटना के सात साल बाद खुलासा होने से हलचल मची हुई है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
सूचना मिलते ही मौके पर उभांव थाना पुलिस पहुंच गई और मामले में आवश्यक कार्रवाई तेज कर दिया. उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रामपुरचिट निवासी रामबिहारी उम्र 62, रामपुरचिट निवासी रामदयाल उम्र 40 व सरस्वती देवी उम्र 75 निवासी रामपुरचिट ई- रिक्शा पर सवार होकर बलिया की तरफ से फेफना की तरफ जा रहे थे, अभी दरामपुर गांव के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही सफारी कार ने जोरदार टक्कर मार दिया.
उक्त बातें सामाजिक चिंतक एवं गीतकार बब्बन विद्यार्थी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्यक्त किया.
कहा कि गीतों को साहित्य, भाव, छन्द, अलंकार एवं रस आदि द्वारा एक दुल्हन के श्रृंगार की तरह सजाया जाता है
किंवदंती है कि 1876 से पहले वाली जब यह स्थान गाजीपुर जिला में हुआ करता था, उस समय कोरंटाडीह को तहसील बनाया गया था. तहसील के निर्माण कार्य में यह मंदिर बाधक बन रहा था.
जहां गंगा स्नान के पश्चात लोग कलश स्थापना के लिए गंगा जी का मिट्टी लेकर अपने-अपने घरों तथा स्थलों पर पहुंच कलश स्थापना में लग गये.
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मन्दिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया है.
डाॅ. सिंह की नियुक्ति पर एनएसएस के पूर्व समन्वयक प्रो. साहेब दूबे, पीआरओ डाॅ. प्रमोद शंकर पाण्डेय, विवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश राय, महामंत्री डाॅ. अवनीश चंद्र पाण्डेय आदि ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनको बधाई दी है.
परिजनों ने किसी तरह से करंट बंद कर उन्हें नल से अलग कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर ले गए. जहाँ चिकित्सको ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया.
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