केदारजी ने मेरे पिताजी की डायरी ‘जग दर्शन का मेला’ की भूमिका लिखी थी. किताब विश्व पुस्तक मेले में जारी हुई. तब केदारजी कोलकाता में अस्पताल में थे. दिल्ली आकर फिर एम्स.
हिंदी कविता में नए बिंबों के प्रयोग के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ शब्द शिल्पी केदरानाथ सिंह का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया. वह पिछले कुछ समय से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) में भर्ती थे.
डा. सिंह को पिछले दिनों में आलइंडिया फिजिओथेरेपी एसोसिएशन ने चिकित्सा के क्षेत्र के साथ-साथ समाज सेवा मे उत्कृष्ट योगदान के लिये 4 फरवरी 2018 को बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए एक सम्मेलन में सम्मानित व पुरुस्कृत किया जा चुका है