अंग्रेजी हुकूमत की छाती पर कील ठोंक कर भारत को आजादी से पहले आजादी हासिल करने वाले 18 अगस्त सन 1942 में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों की स्मृति में लगने वाला शहीद मेला रविवार को बैरिया शहीद स्मारक पर लगा
पूर्वोत्तर रेलवे के बलिया स्टेशन पर अनुरक्षण कार्य के चलते बलिया-वाराणसी सिटी-बलिया सवारी गाड़ी का संचालन 18 से 20 अगस्त तक निरस्त रहेगा, जबकि शाहगंज-बलिया-शाहगंज पैसेंजटर ट्रेन की सेवा इस अवधि के दौरान फेफना रेलवे स्टेशन तक ही उपलब्ध रहेगी.
भगत सिंह, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, चन्द्रषेखर आजाद जैसे हजारों स्वतन्त्रता सेनानियों ने बलिदान दिया हैं, तब जाकर हम आजादी में सांस लेने के काबिल हो पाए हैं.
50 वर्षीय शेखर दो बार लोकसभा के सदस्य रहे हैं. 2007 में पिता के निधन के बाद बलिया लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर वह पहली बार सांसद निर्वाचित हुए थे. 2009 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा जीत हासिल की.