Skip to content
16 October, 2026
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
ballia live

Ballia Live | Hindi News, India & World News

ना TV, ना अख़बार… बस खांटी समाचार

IMG_2456
https://youtu.be/W0Cay7MJoHg?si=GOYXAXydmMLV-_iw
https://youtu.be/u-hTDfCu66I?si=-zshHn9S3G0_F2bx
Primary Menu
  • जिला जवार
  • UP लाइव
  • CRIME डायरी
  • Campus रिपोर्ट
  • स्क्रीन TASTE
  • स्पेशल/Exclusive
  • ELECTION लाइव
  • बहरवासू
  • देश दुनिया
बलिया LiVE Videos
  • Home
  • बतकही
  • मेरा गांव इन वर्षों में कितना बदल गया! वरिष्ठ पत्रकार सुरेश प्रताप की आंखोंदेखी
  • Featured Story
  • VIRAL न्यूज़
  • जिला जवार
  • बतकही
  • बहरवासू

मेरा गांव इन वर्षों में कितना बदल गया! वरिष्ठ पत्रकार सुरेश प्रताप की आंखोंदेखी

Remote Desk 3 April, 2021 1 minute read
fasal_bima

ग्रामीण जीवनशैली, सोच और खेत-खलिहान में आधुनिकता दबे पांव अपना पैर पसार रही है. जब उत्पादन की प्रक्रिया बदलेगी तो उसका असर रहन-सहन पर भी पड़ेगा. हम पुरानी सोच के साथ नहीं रह सकते हैं.

 

खेती-किसानी में मशीनों का प्रयोग बढ़ा है. गेहूं की फसल लगभग पक गई है. हार्वेस्टर का इंतजार है. कटाई के लिए. श्रम का महत्व घटा है. मेरे गांव में खेतों की जुताई अब ट्रैक्टर से होती है. बैल अपनी प्रासंगिकता खो दिए हैं. उनकी जगह ट्रैक्टर ले चुका है. किसी के दरवाजे पर बैल नहीं है. बस..! कुछ लोग गाय-भैंस रखे हैं. अधिकांश लोग दूध खरीदते हैं. जब किसान मवेशी ही नहीं पालेंगे तो गोबर भी नहीं मिलेगा. इसी कारण अधिकांश लोगों का खाना रसोई गैस पर बनता है. जबकि सिलेंडर की कीमत अब लगभग एक हजार रुपये हो गई है.

 

बलिया जिले के मेरे गांव में बहुत पहले बिजली आ गई थी. जिसके कारण घरों में अब पंखा, फ्रीज, टीवी, मशाला पीसने की मशीन आदि ने अपनी पहुंच बना ली है. कई कांवेंट और नर्सरी स्कूल आसपास के गांवों में खुल गए हैं. शादी-विवाह, तेरही आदि किसी भी अवसर पर पहले लोग खुद ही मिलकर खाना बनाते थे. अब बाजार से खाना बनाने वाले आते हैं. सामूहिकता की भावना कम हुई है. उपभोक्तावाद की गिरफ्त में गांव भी आ गए हैं.

 

जाहिर सी बात है कि इससे सोच भी प्रभावित होगी. गुटबंदी बढ़ी है. पंचायत चुनाव में इसकी झलक स्पष्ट रूप से दिख रही है. कौन किसके साथ है और किसके विरोध में ? यह बता पाना मुश्किल है. रोज नए चुनावी समीकरण बन रहे हैं. देर रात तक मीटिगें चल रही हैं. नए-नए दांव चले जा रहे हैं. बिल्कुल वैसी ही गंवई राजनीति का रंग दिख रहा है, जो लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिलती है.

 

पहले कुछ लोग आत्मरक्षा के लिए बंदूक खरीदे थे. जिसके लिए उन्हें तीन साल में 60 रुपये लाइसेंस के नवीनीकरण का देना पड़ता था, अब नवीनीकरण शुल्क तीन साल का 1500 रुपये हो गया है. जबकि बहुत से लोग दो-तीन साल में बंदूक से कोई फायर भी नहीं किए हैं. पहले लोग कंधे पर बंदूक टांगे साइकिल या बाइक से इधर-उधर आते-जाते थे. बंदूक उनकी शान थी. अब इस शान को वे अपने कंधे पर टांगे हुए आना-जाना पसंद नहीं करते हैं. कंधे भी अब कमजोर हो गए हैं. बंदूक का वज़न ढोने का उनमें दमखम नहीं रह गया है.

 

आधुनिकता व मशीनीकरण का सबसे अधिक खामियाजा गाय के बछड़ों को उठाना पड़ा है. बछिया तो लोग रखते हैं लेकिन बछड़ों को सीवान में छोड़ देते हैं. प्रत्येक व्यक्ति दूसरे गांव में बछड़ों को छोड़ आते हैं. उनका काम सिर्फ फसल बर्बाद करना रह गया है. आदमी के साथ इन बछड़ों के रहने की आदत है, लिहाजा वे पुन: गांव में आ जाते हैं तो उनका स्वागत लठिया करके किया जाता है. खेत में लोग उन्हें पीटते हैं और गांव में घुसने पर भी. यही उनकी नियति बन गई है.

 

एक चीज और देखने को मिली, पहले गांव में सियार देखने को नहीं मिलते थे. अब वे रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी घूमते हैं. कुत्ते उन्हें देखकर भोंकते नहीं हैं. कुत्ते सियारों से डरने लगे हैं. देसी कुत्ते पालना लोग अब पसंद नहीं करते हैं. विदेशी नस्ल के कुत्तों को पालने का शौख बढ़ा है. सियार अब लोगों से डरते नहीं हैं. यही चीज़ घड़रोज यानी नीलगाय में भी देखने को मिल रही है. डरना उन्होंने भी छोड़ दिया है. गौरैया भी गांव छोड़ दी हैं. गिद्ध भी नहीं दिखते.

 

यह बदलाव है जो दबे पांव गांवों में पैर पसार रहा है. सड़कें बनी हैं. सबके पास आने-जाने के लिए बाइक है. साइकिल का प्रचलन कम हुआ है. कुछ लोगों के पास चार पहिया वाहन भी हैं. अब बंदूक नहीं बल्कि कार प्रतिष्ठा की प्रतीक है. शहरी जीवनशैली गांव में भी आ गई है. यह गांव का विकास है और उसी के साथ रहने की तरीका, अब सीखना पड़ेगा. अधिकांश घर पक्के हो गए हैं. मिट्टी का एक भी घर मुझे नहीं दिखा. हो सकता है परिंदों के साथ छोड़ने का यह भी एक कारण हो.

 

गांव में बने अधिकांश पक्के मकानों में कोई रहने वाला नहीं है. घर में ताला बंद है. रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर युवक बड़े शहरों में पलायन कर गए हैं. शहर में रोजगार की क्या हालत है ? यह अब किसी से छिपा नहीं है. बूढ़े बीमार हैं. असहाय..! चिकित्सा की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. कुछ वृद्ध शहर में अपने बेटे-बेटियों के पास चले गए हैं और कुछ को उनके पुत्रों ने छोड़ दिया है. रामभरोसे..!

 

बंदूक की तरह अब किसी के कंधों में बूढ़ों का बोझ उठाने का दमखम नहीं है. जब खुद ही रोजगार की तलाश में युवा भटक रहे हैं तो दूसरों का बोझ वह कैसे उठा सकते हैं ? अधिकांश लोग गांव छोड़कर बनारस, इलाहाबाद, लखनऊ, दिल्ली आदि शहरों में घर बना लिए हैं. वहां भी उनके बच्चे उन्हें छोड़कर रोजगार की तलाश में किसी दूसरे शहर में चले गए हैं. पलायन..! एक नियति बन गई है. गांव से शहर और फिर उस शहर से किसी दूसरे शहर या विदेश में..!

 

पहले लोग कहीं भी नौकरी करने जाते थे तो पुन: लौटकर अपने गांव में आ जाते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. भगदड़ मची है. यह विकास की घुड़दौड़ है. हम सब इसमें शामिल है. उसका स्वाद चखने को अभिशप्त हैं. स्वाद खट्टा है या मिट्ठा..! अब इसकी अनुभूति होने लगी है. परिवर्तन प्रकृति का सच है. इस सच को राजनीति की चासनी में सबको निगलना पड़ रहा है. गांव और शहर विकास की इस अंधी गुफ़ा में तेजी से घुसने की दिशा में अग्रसर हैं. समझ में नहीं आ रहा है कि हम आगे बढ़ रहे हैं या अपनी विरासत खो रहे हैं. विगत दस दिनों से इस बदलाव को मैं अपने गांव में रहकर समझने की कोशिश कर रहा हूं.

 

(वरिष्ठ पत्रकार सुरेश प्रताप की रिपोर्ट)

Tags: रोजगार

Post navigation

Previous: बीएसएफ जवान का शव बलिया के दलछपरा स्थित पैतृक गांव लाया गया, गांव में शोक
Next: बांसडीह क्षेत्र में आग से 6 झोपड़ियां जलीं, लाखों की संपत्ति जल कर राख

ये भी पढ़ें

Ballia Dhan Khet
  • खेती-बारी
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

बलिया में किसानों से धान खरीद के लिए इस बार बनेंगे 100 क्रय केंद्र, इस दिन से खरीदारी होगी

General Desk 15 October, 2026
Bansdih Saryu Kataan
  • जिला जवार
  • बांसडीह

सरयू का रौद्र रूप जारी, महाराजपुर के नाहरछपरा टोले में तेज कटान, आबादी के बेहद करीब पहुंची धारा

General Desk 15 October, 2026
Belthra tricycle distribution
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

दिव्यांग युवक के घर जाकर पूर्व विधायक ने भेंट की ट्राई साइकिल

General Desk 15 October, 2026

Recent Posts

  • बलिया में किसानों से धान खरीद के लिए इस बार बनेंगे 100 क्रय केंद्र, इस दिन से खरीदारी होगी
  • सरयू का रौद्र रूप जारी, महाराजपुर के नाहरछपरा टोले में तेज कटान, आबादी के बेहद करीब पहुंची धारा
  • दिव्यांग युवक के घर जाकर पूर्व विधायक ने भेंट की ट्राई साइकिल
  • भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बलिया जिलाध्यक्ष बने संजीव कुमार वर्मा, 2027 के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
  • चोरों ने आरआरसी सेंटर में खड़े ई-रिक्शा को बनाया निशाना, बैटरी-हेडलाइट समेत कई उपकरण ले उड़े
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 83 जोड़ों ने लिए सात फेरे, उपहार में घरेलू सामान और वधू के खाते में कैश
  • एसपी बलिया ने बांसडीह कोतवाली का किया औचक निरीक्षण, कस्बे में फ्लैग मार्च कर परखी सुरक्षा व्यवस्था
  • डांडिया नाइट में जमकर थिरकीं विधायक केतकी सिंह, सैकड़ों महिलाओं की मौजूदगी में देर रात तक गूंजा संगीत
  • ट्रक की टक्कर से साइकिल से घर लौट रही छात्रा की मौत, होमगार्ड का जवान घायल
  • बेल्थरारोड में पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुई भव्य रामलीला
  • भोजपुरी की नई फिल्म का फर्स्ट लुक सामने आया- एक्शन और रोमांस के तड़के साथ भरपूर मसालेदार फिल्म की झलक
  • उचक्कों ने महिला के पर्स से उड़ाए गहने, कोतवाली से कुछ ही दूर भीड़ वाली जगह पर वारदात
  • Rekha Birthday: 72 साल की उम्र में भी कायम है खूबसूरती और अदाकारी का जादू, जानिए संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की कहानी
  • श्रद्धांजलि देकर बोले अखिलेश यादव- स्व. रामगोविन्द चौधरी का संघर्ष खाली नहीं जाएगा, 2027 में मिलेगी बड़ी जीत
  • शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों पर जागरूक रहे युवा-सुभासपा महासचिव
  • अवैध पटाखा मामले में दूसरा आरोपी अब तक फरार, मकान में छिपाकर रखे थे छह लाख के पटाखे
  • तीन सड़क हादसों में एक महिला सहित सात लोग घायल, तीन की हालत गंभीर
  • बदहाल सड़क की मरम्मत के लिए ग्रामीणों का धरना जारी, ग्रामीण बोले जर्जर सड़क पर आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं
  • स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि देने अखिलेश यादव, संजय सिंह समेत तमाम नेता पहुंचेंगे बलिया
  • सरयू की लहरें निगल रहीं गांव, अस्तित्व बचाने के लिए ग्रामीणों की बैठक, सरकारी कार्यों से संतुष्ट नहीं
  • झोपड़ी पर गिरी आकाशीय बिजली, चपेट में आने से व्यक्ति की मौत, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
  • तेज रफ्तार बाइक से आमने-सामने की टक्कर में युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम
  • आम्रपाली दुबे की नई फिल्म बीवी हो तो ऐसी का ट्रेलर रिलीज, पारिवारिक रिश्तों के पेंच और हास्य का फुल डोज
  • बेल्थरारोड में लाखों रुपए कीमत के पटाखे जब्त, अवैध भंडारण पुलिस की छापेमारी
  • मारपीट और गाड़ी में तोड़फोड़ के मामले में केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

You may have missed

Ballia Dhan Khet
  • खेती-बारी
  • जिला जवार
  • बलिया शहर

बलिया में किसानों से धान खरीद के लिए इस बार बनेंगे 100 क्रय केंद्र, इस दिन से खरीदारी होगी

General Desk 15 October, 2026
Bansdih Saryu Kataan
  • जिला जवार
  • बांसडीह

सरयू का रौद्र रूप जारी, महाराजपुर के नाहरछपरा टोले में तेज कटान, आबादी के बेहद करीब पहुंची धारा

General Desk 15 October, 2026
Belthra tricycle distribution
  • जिला जवार
  • बेल्थरा रोड

दिव्यांग युवक के घर जाकर पूर्व विधायक ने भेंट की ट्राई साइकिल

General Desk 15 October, 2026
Sanjeev Verma BJP OBC Morcha
  • जिला जवार
  • राजनीति
  • सिकंदरपुर

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बलिया जिलाध्यक्ष बने संजीव कुमार वर्मा, 2027 के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

General Desk 14 October, 2026

Recent Comments

  • Shree Ram on योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभात फेरी का आयोजन
  • Ramakant on मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लाभ उठायें लाभार्थी
  • शिवकुमार सिंह कौशिकेय on छठ महापर्व पर विशेष- अस्ताचलगामी सूर्य को व्रती देंगे अर्घ्य
  • Bablu on निर्माणाधीन कार्य समय से पूरा नहीं होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर होंगे उत्तरदायी – डीएम
  • Kazipur Social Media on साड़ी से लटका मिला महिला का शव, परिजनों के मुताबिक विवाहिता ने खुदकुशी की

Tags

बलिया न्यूज बलियान्यूज़ बलियाबड़ीखबर बलिया लाइव बलिया समाचार बसपा बांसडीह बागीबलिया बागी बलिया बाढ़ बिजली बिल्थरारोड बिहार बीएसए बेल्थरारोड बैरिया ब्रेकिंग न्यूज भाजपा मंत्री मऊ मनियर मारपीट मुख्यमंत्री मौत रसड़ा रेल रेवती लखनऊ वाराणसी विधानसभा विधायक शराब सपा समाजवादी पार्टी सहतवार सांसद सिकंदरपुर सीएचसी सीयर सुखपुरा सोनबरसा हत्या हल्दी हादसा हिंदी न्यूज़
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Youtube
  • Facebook
  • Whatsapp
  • X
  • Instagram
  • Linked In
  • Telegram
  • Threads
© 2012 - 2026 Ballia LiVE | All rights reserved.