Category: अध्यात्म
बैरिया, बलिया. गाँव में नये मंदिर स्थापना के साथ नागरिकों को यह भी जिम्मेदारी रखनी चाहिए कि पुराने मन्दिर में समय से पूजा-पाठ व वर्ष में विभिन्न प्रकार के आध्यात्मिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम चलता रहे. संकीर्तन, श्रीरामचरितमानस, हनुमान चालीसा अथवा अन्यान्य वैदिक अनुष्ठानों से गाँव के प्रत्येक नागरिक को सुख,संवृद्धि और अच्छे संस्कार प्राप्त होता है.
बैरिया, बलिया. प्रत्येक व्यक्ति को अपने कमाई के दस प्रतिशत अंश आध्यात्मिक कार्यो में खर्च करना चाहिए और ईश्वर के द्वारा प्रदत्त अपने अमूल्य जीवन (24 घण्टे) से भी 10 प्रतिशत अर्थात कम से कम ढाई घंटे ईश्वर की आराधना में लगाना चाहिए. ईश्वर की अराधना से व्यक्ति अपने मनचाहा लक्ष्यों को सहजता से प्राप्त कर सकता है.
सिकन्दरपुर, बलिया. स्वामी विवेकानन्द जयन्ती के अवसर पर जू o हा ० स्कूल सिकन्दरपुर में आयोजित विचारगोष्ठी सभा को सम्बोधित करते हुए दयाशंकर सिंह राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार उ ० प्र ० ने बताया कि भारत भ्रमण के दौरान यहाँ की गरीबी एवं दरिद्रता को देखकर स्वामी जी का हृदय द्रवित हो उठा था और उन्होंने “दरिद्र देवो भव” का नारा दिया. उन्होंने धर्म का प्रथम कर्तव्य दरिद्र एवं दुखीजन की सेवा करना बताया.
बलिया. परोपकार और सेवा का मूल्य तभी होता है जब वह सही व्यक्ति को दिया जाय. शायद ईश्वर जब परेशानियां ज्यादा देता है तो सहन शक्ति भी उतनी ही देता है, नहीं तो सर्द और गलन की रात में रोडवेज बस स्टैंड के पास बाटी चोखा की दुकान चलाने वाले नरहीं के रहने वाले लक्ष्मण गुप्ता और सुनीता देवी ठंढ़ से ठिठुरकर अलाव का सहारा लिए हुए रात गुजारने पर मजबूर थे.
