Category: राजनीति
11 नवंबर दिन शुक्रवार को 9 बजे से भाजपा किसान मोर्चा जनपद बलिया के प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम सत्र उद्घाटन सांसद बलिया वीरेन्द्र सिंह मस्त एवं जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू , द्वितीय सत्र का पूर्व जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव , तृतीय सत्र का कोपरेटिव बैंक के चेयरमैन विनोदशंकरदूबे एवं अन्तिम सत्र का किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पंकज सिंह कौशिक का मार्गदर्शन प्राप्त होगा.
जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर ने बलिया को नई पहचान दी थी. उन्होंने हमेशा मूल्यों व आदर्शों की राजनीति की. देशहित उनके लिए सर्वोपरि था. संसदीय लोकतंत्र की मजबूती उनकी अहम भूमिका थी. पूरे भारत में उनके प्रशंसक हैं। जब लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास हुआ तो वह देश के लिए मुखर स्वर बने. जब स्वदेशी आंदोलन चला तो उन्होंने खुलकर इसका समर्थन किया था. मूर्ति निर्माण का कार्य आजमगढ़ में हुआ है, उस हस्तशिल्पकार की तारीफ करनी होगी.
दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ’’एकमुश्त पेनाल्टी समाधान योजना’’ का प्रचार-प्रसार और बेहतर ढंग से करने की आवश्यकता है जिससे इस योजना का सकारात्मक परिणाम प्राप्त किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने जनपदों में इस योजना की समीक्षा करके इसे और प्रभावी बनाये जाने में सहयोग प्रदान करें.
गीता शाक्य ने कहा कि संगठन को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का विशेष योगदान है. महिलाएं भाजपा की रीढ़ हैं. पहले सत्र की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नितु पाण्डेय तथा संचालन श्वेता राय ने किया. दूसरा सत्र सोशल मीडिया का रहा, जिसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना अग्रवाल ने महिलाओं को मीडिया के बारे में अवगत करवाया. द्वितीय सत्र की अध्यक्षता मंजू राय व संचालन श्वेता राय ने किया.
क्षेत्रीय विधायक पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिजवी ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने शोक व्यक्त कर याद करते हुए कहा नेता जी जमीनी हकीकत से रूबरू होते थे। उन्होंने सामाजिक असमानता को पाटने का काम किया. नेता जी की खासियत थी जो कह देते उसे हर हाल पूरा करके ही दम लेते. इसलिए उनके नाम को लेकर स्लोगन दिया गया कि जिसने कभी झुकना नहीं सीखा उसका नाम मुलायम है.
सपा के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्हजी ने सोमवार को प्रेस को जारी विज्ञप्ति में शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ताउम्र लोहिया और जयप्रकाश नारायण के आदर्शों पर चलने वाले समाजवादी पुरोधा मुलायम सिंह यादव के निधन से न सिर्फ एक युग का अंत हुआ है, बल्कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, दलितों, पिछड़ों, वंचितों और अल्पसंख्यकों ने अपना सच्चा रहनुमा खो दिया है। उनके निधन से जो रिक्तता पैदा हुई है, भरपायी नहीं सो सकती।
