जहां चिकित्सकों ने जांचोपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने बताया कि पिकअप चालक की तलाश की जा रही है.
घटना के बाद दोनों पक्ष के घायल थाने पंहुचे जहां पुलिस ने उनका मेडिकल कराया. मामले में पुलिस ने एक पक्ष के शिवबचन राम की तहरीर पर चार लोगों व दूसरे पक्ष की गीता देवी की तहरीर पर दो व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के तहत पुलिस अधीक्षक एस0 आनन्द के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा के एपीओ संजय गौतम के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप कोर्ट ने सजा सुनाई.
इसकी सूचना तुरन्त उभांव पुलिस को दी. सूचना मिलते उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव दलबल के साथ पहुँचकर दरवाजा तोड़कर युवक के शव को नीचे उतरवाया और शव को कब्जे में लेकर कागजी कारवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया
उधर आरोपी पक्ष के अनुसार जेई एवं उनके सहयोगी मेरे घर पर आकर बिजली कनेक्शन का वीडियो बनाने लगे.मना करने पर झूठा मुकदमा करा कर जेल भेजने की धमकी देने लगे.
ऐसे में उस समय तैनात रहे दोनों ब्रांचों के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. घटना के सात साल बाद खुलासा होने से हलचल मची हुई है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
सूचना मिलते ही मौके पर उभांव थाना पुलिस पहुंच गई और मामले में आवश्यक कार्रवाई तेज कर दिया. उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रामपुरचिट निवासी रामबिहारी उम्र 62, रामपुरचिट निवासी रामदयाल उम्र 40 व सरस्वती देवी उम्र 75 निवासी रामपुरचिट ई- रिक्शा पर सवार होकर बलिया की तरफ से फेफना की तरफ जा रहे थे, अभी दरामपुर गांव के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही सफारी कार ने जोरदार टक्कर मार दिया.
घरवालों की तहरीर पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस संबंध में इंस्पेक्टर योगेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश की जा रही है.